नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को युवाओं और शिक्षा से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की शुरुआत का ऐलान किया है। इन योजनाओं पर कुल 62,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। छात्रों की पढ़ाई, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों में तेजी लाने के उद्देश्य से ये योजनाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इन योजनाओं के ऐलान के साथ खास तौर पर बिहार के युवाओं का जिक्र किया। बिहार विस चुनाव से पहले पीएम मोदी ने सौगातों की बौछार करते हुए कहा कि इन योजनाओं से बिहार के युवाओं की तरक्की का नया रास्ता खुलेगा। एनडीए सरकार के दौर में बिहार के 50 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। साथ ही पीएम मोदी ने आरजेडी पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि जिस पेड़ की जड़ों में कीड़ा लग जाता है, उसको फिर से जीवित करना बहुत बड़ा पराक्रम होता है। RJD के कुशासन ने बिहार की हालत उसी पेड़ की तरह कर दी थी। सौभाग्य से बिहार के लोगों ने नीतीश कुमार को सरकार का दायित्व सौंपा, और हम सभी साक्षी हैं कि कैसे NDA की पूरी टीम मिलकर बिगड़ी हुई व्यवस्थाओं को फिर पटरी पर लाई। आज यहां इस कार्यक्रम में भी हम इसकी एक झलक देख रहे हैं। बिहार चुनाव से पहले इन योजनाओं के ऐलान का रणनीतिक महत्व भी है।
कौशल दीक्षांत समारोह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली के विभान भवन में आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह में कहा कुछ साल पहले हमारी सरकार ने ITI के विद्यार्थियों के लिए व्यापक स्तर पर दीक्षांत समारोह की नई परंपरा शुरू की थी। आज इसी परंपरा की एक और कड़ी के साक्षी हम सभी बना रहे हैं। पीएम ने कहा वह भारत के कोने-कोने से जुड़े ITI के सभी युवा साथियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा जब इस कार्यक्रम की रूपरेखा बनी, तो मूल कार्यक्रम तो यही था कि यहां विज्ञान भवन में दीक्षांत समारोह का आयोजन तय हुआ था, लेकिन कहते हैं ना सोने पर सुहागा, वैसा ही यहां भी हुआ, बिहार के मख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में इस उत्सव को महा उत्सव बनाने का प्रस्ताव आया है और इसलिए आज एक कार्यक्रम में दो कार्यक्रम बन गए। एक तो ITI का भारत सरकार का कार्यक्रम और बिहार के ढेर सारे कार्यक्रम। आज बिहार के युवाओं के लिए भी इस मंच से अनेक योजनाएं और परियोजनाएं समर्पित हुई हैं।
बिहार में नई स्किल ट्रेनिंग यूनिवर्सिटी
पीएम ने कहा बिहार में नई स्किल ट्रेनिंग यूनिवर्सिटी, अन्य यूनिवर्सिटीज में सुविधाओं का विस्तार, नौजवानों के लिए युवा आयोग, हजारों युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र, ये सब बिहार के युवाओं के बेहतर भविष्य की गारंटी है।नीतीश की सरकार ने इस यूनिवर्सिटी का नाम भारत रत्न, जननायक कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखा है और कर्पूरी ठाकुर को जननायक ये सोशल मीडिया की ट्रोल करने वाली टीम ने नहीं बनाया, कर्पूरी ठाकुर को जननायक, बिहार के जन-जन ने बनाया और उनके जीवन को देखकर के बनाया था। मैं तो बिहार के लोगों को कहूंगा, जरा चोकन्ने रहिए, ये जननायक पद कर्पूरी ठाकुर से ही है। पीएम ने बताया कुछ दिन पहले ही बिहार की बहनों के रोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़ा एक कार्यक्रम में मुझे शरीख होने का अवसर मिला था। उसमें लाखों बहनों ने हिस्सा लिया था। आज बिहार के युवाओं के सशक्तिकरण का ये मेगा प्रोग्राम है। ये दिखाता है कि एनडीए सरकार बिहार के नौजवानों को बिहार की महिलाओं को कितनी प्राथमिकता दे रही है।
भारत नॉलेज और स्किल का देश है
भारत नॉलेज और स्किल का देश है। यही बौद्धिक शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है और जब यह स्किल, यह नॉलेज देश की आवश्यकताओं से जुड़ जाती है, देश की जरूरतों को पूरा करने से जुड़ जाती है, तो इनकी ताकत कई गुना बढ़ जाती है। आज 21वीं सदी की मांग है की हम देश की जरूरत को ध्यान में रखते हुए लोकल टैलेंट, लोकल रिसोर्सेस, लोकल स्किल्स और लोकल नॉलेज को तेजी से आगे बढ़ाएं और इसमें हमारी हजारों ITI’s की बहुत बड़ी भूमिका है। आज इन ITI’s में करीब 170 ट्रेड्स में हमारे नौजवानों को ट्रेनिंग दी जा रही है। बीते 11 सालों में डेढ़ करोड़ से ज्यादा नौजवान इन ट्रेड्स में प्रशिक्षित हो चुके हैं, यानी उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों की स्किल से, उसकी टेक्निकल क्वालीफिकेशन से जोड़ा गया है और सबसे बड़ी बात यह है कि इन युवाओं को उनकी स्थानीय भाषाओं में, लोकल लैंग्वेज में, उनकी स्किल सिखाई गई है। इस साल भी 10 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ऑल इंडिया ट्रेड टेस्ट में शामिल हुए हैं, इनमें से मुझे अभी 45 से ज्यादा ऐसे सफल साथियों को सम्मानित करने का अवसर मिला है।
युवाओं के लिए दुनिया में नए अवसर बन रहे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोग देखते होंगे, इन दिनों अनेक देशों के साथ हमारे जो एग्रीमेंट हो रहे हैं, उसमें एक विषय उनका होता है कि भई हमें आपके देश के स्किल्ड मैनपॉवर की जरूरत है, हमारे नौजवानों के लिए दुनिया में नए अवसर बन रहे हैं। आज इस कार्यक्रम से बिहार के हजारों युवा भी हमारे साथ जुड़े हैं। इस पीढ़ी को उतना अंदाजा नहीं होगा कि दो-ढाई दशक पहले बिहार में शिक्षा व्यवस्था किस तरह तबाह थी। ईमानदारी से न स्कूल खुलते थे, न भर्तियां होती थीं। कौन मां-बाप नहीं चाहता कि उसका बच्चा यहीं पढ़े और यहीं आगे बढ़े। लेकिन मजबूरी में लाखों बच्चों को बिहार छोड़कर बनारस, दिल्ली, मुंबई जाना पड़ा। यही पलायन की असली शुरुआत थी।
NDA की डबल इंजन सरकार शिक्षा संस्थाओं को आधुनिक बनाने में जुटी है
iप्रधानमंत्री ने कहा NDA की डबल इंजन सरकार, लगातार बिहार के शिक्षा संस्थाओं को आधुनिक बनाने में जुटी है। I.I.T पटना में इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का काम भी शुरु हो चुका है। आज भी बिहार में कई बड़े शिक्षा संस्थानों के आधुनिकीकरण का काम आरंभ हुआ है। NIT पटना के बिहटा कैंपस को भी अब हमारे होनहार विद्यार्थियों के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा, पटना यूनिवर्सिटी, भूपेंद्र मंडल यूनिवर्सिटी, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा और नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी, इन सभी संस्थानों में नए अकैडमिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखी गई है।
नीतीश सरकार, बिहार के युवाओं की पढ़ाई का खर्च कम कर रही
अच्छे संस्थानों के साथ-साथ नीतीश सरकार, बिहार के नौजवानों की पढ़ाई का खर्च भी कम कर रही है। उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को फीस की परेशानी ना हो, इसकी भी चिंता की जा रही है। बिहार सरकार, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए मदद करती रही है। अब एक और बड़ा निर्णय लिया गया है। इस क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले एजुकेशन लोन को, इंटरेस्ट फ्री कर दिया गया है, ब्याज मुक्त कर दिया गया है। और ये बिहार सरकार का निर्णय है, इतना ही नहीं विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप भी 1800 से बढ़ाकर के 3600 कर दी गई है।
भारत दुनिया के युवा देशों में से एक है
आज भारत दुनिया के युवा देशों में से एक है। और बिहार उन राज्यों में शामिल है जहाँ आबादी के अनुपात में सबसे अधिक युवा हैं। इसलिए, जब बिहार के युवाओं का सामर्थ्य बढ़ता है, तो स्वाभाविक रूप से देश की भी ताकत बढ़ती है। बिहार के युवाओं का सामर्थ्य और बढ़ाने के लिए NDA सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। RJD-कांग्रेस के शासनकाल की तुलना में, बिहार का शिक्षा बजट कई गुणा बढ़ाया गया है। आज बिहार में करीब-करीब हर गांव-टोले में एक स्कूल बन चुका है, इंजीनियरिंग कॉलेज हों, मेडिकल कॉलेज हों, इनकी संख्या भी कई गुणा बढ़ी है। हाल में ही केंद्र सरकार ने बिहार के 19 जिलों के लिए केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत किए हैं। एक समय था, जब बिहार में स्पोर्ट्स से जुड़ा इंटरनेशनल लेवल का इंफ्रास्ट्रक्चर तक नहीं था। आज बिहार में स्पोर्ट्स के नेशनल और इंटरनेशनल इवेंट्स हो रहे हैं।
दो दशकों में 50 लाख नौजवानों को बिहार में रोजगार से जोड़ा
बिहार सरकार ने बीते दो दशकों में 50 लाख नौजवानों को बिहार में रोजगार से जोड़ा है। बीते कुछ वर्षों में ही करीब 10 लाख पक्की सरकारी नौकरियां बिहार के नौजवानों को दी गई हैं। शिक्षा विभाग में ही देखें , कितने बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्तियां हो रही हैं। पिछले दो वर्षों में ही ढाई लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति बिहार में हुई है। इससे नौजवानों को नौकरी मिली और शिक्षा व्यवस्था का स्तर भी ऊपर उठा।
बिहार सरकार नए लक्ष्यों को लेकर काम कर रही है
बिहार सरकार अब नए लक्ष्यों को लेकर काम कर रही है। राज्य सरकार ने जितने रोजगार 20 साल में बनाए, और अभी नीतीश जी ने भी हमें अपने भाषण में बाताया, आने वाले पांच साल में उससे दोगुने रोजगार निर्माण का लक्ष्य है। संकल्प यही है कि बिहार के नौजवान को बिहार में ही नौकरी मिले, बिहार में ही काम मिले। ये समय बिहार के युवाओं के लिए डबल बोनस का भी है। इस समय देश में GST बचत उत्सव चल रहा है, मुझे कोई कह रहा था कि बाइक और स्कूटर पर GST कम होने से बिहार के युवा बहुत खुश हैं। बहुत से युवाओं ने तो इस धनतेरस को ये खरीदने की भी प्लानिंग कर ली है। मैं बिहार के, देश के युवाओं को उनकी जरूरतों की ज्यादातर चीजों पर GST कम होने की भी बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
भारत टॉप थ्री इकॉनॉमी बनने की राह पर
पीएम ने कहा जब स्किल्स बढ़ती हैं, देश आत्मनिर्भर होता है, निर्यात बढ़ता है, तो रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। 2014 से पहले भारत को फ्रजाइल फाइव इकॉनॉमी कहा जाता था। यानी ग्रोथ कम थी, रोजगार भी बहुत कम थे। आज भारत टॉप थ्री इकॉनॉमी बनने की तरफ आगे बढ़ रहा है। यानी मैन्युफेक्चरिंग बढ़ रही है, रोजगार बढ़ रहे हैं। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबील और डिफेंस सेक्टर में भी मैन्युफेक्चरिंग और एक्सपोर्ट में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। बड़े उद्योगों से लेकर, जो हमारे MSMEs हैं, उनमें अभूतपूर्व रोजगार का निर्माण हुआ है। इन सबका बड़ा लाभ हमारे युवाओं को और विशेषकर ITI के स्किल्ड युवाओं को भी हुआ है। मुद्रा स्कीम ने भी करोड़ों नौजवानों को अपना रोजगार शुरू करने में मदद की है। अभी भारत सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना भी लागू की है। इससे देश के करीब साढ़े तीन करोड़ नौजवानों को प्राइवेट सेक्टर में रोजगार पाने में मदद मिलेगी।



