नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन शाह) को नई दिल्ली आने का औपचारिक निमंत्रण भेजा है। हालांकि, नेपाल सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह यात्रा केवल एक ‘प्रतीकात्मक’ या ‘औपचारिक’ दौरा नहीं होगी।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने मॉरीशस में चल रहे नौवें हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान ‘द काठमांडू पोस्ट’ से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री बालेन शाह ने न्योता स्वीकार कर लिया है, लेकिन भारत यात्रा तभी होगी जब दोनों पक्ष तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर अपना ‘होमवर्क’ पूरा कर लेंगे।
परिणाम-उन्मुख यात्रा पर जोर
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच हुई हालिया मुलाकात में इस बात पर सहमति बनी है कि उच्च-स्तरीय यात्राओं का आयोजन तभी किया जाएगा जब नेपाल की अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार परियोजनाओं और कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी। काठमांडू और नई दिल्ली दोनों ही इस बार ऐसी परियोजनाओं पर काम करना चाहते हैं जो ठोस परिणाम दे सकें। अधिकारियों के अनुसार, दोनों देश अब रूटीन दौरों से हटकर कुछ अलग और प्रभावी कूटनीति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
नेपाल तैयार कर रहा है प्राथमिकताओं की सूची
नेपाल सरकार वर्तमान में एक ठोस रूपरेखा तैयार कर रही है, जिसे जल्द ही भारतीय पक्ष के साथ साझा किया जाएगा। एक बार जब काठमांडू अपनी आंतरिक तैयारियां पूरी कर लेगा, तो वह भारत से अपने विदेश सचिव को नेपाल भेजने का अनुरोध करेगा ताकि चर्चा के अगले दौर को अंतिम रूप दिया जा सके। भारत और नेपाल के बीच सुरक्षा, जल संसाधन, सिंचाई और व्यापार जैसे क्षेत्रों में लगभग तीन दर्जन द्विपक्षीय तंत्र मौजूद हैं, जिन्हें अब सक्रिय करने की योजना है।
सहयोग के नए रास्तों की तलाश
विदेश मंत्री खनाल ने कहा कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री स्तर की बैठकों से पहले दोनों देशों द्वारा तय की गई साझा प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। दोनों पक्ष मौजूदा परियोजनाओं की समीक्षा करने और सहयोग के नए क्षेत्रों को तलाशने पर सहमत हुए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रधानमंत्री बालेन शाह की पहली भारत यात्रा न केवल ऐतिहासिक हो, बल्कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक नया और परिणाम-उन्मुख अध्याय भी जोड़े।



