नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की ओर से हाल ही में हस्ताक्षरित 9 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समझौतों को लेकर आज नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में एक महत्वपूर्ण परिचर्चा आयोजित की गई।
दिल्ली स्टडी ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. विजय जौली के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय ‘‘भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार सौदे, बदलती भू-राजनीतिक और वैश्विक अर्थव्यवस्था’’ रहा।
ट्रंप की ‘टैरिफ डिप्लोमेसी’ के बीच भारत का सधा हुआ कदम
मुख्य वक्ता और भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के उपकुलपति प्रो. राकेश मोहन जोशी एवं रोमानिया के महावाणिज्य दूत डॉ. विजय मेहता ने कहा कि वर्तमान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘‘टैरिफ डिप्लोमेसी’’ ने वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मचाई है।
ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में भारत ने अपना आर्थिक संतुलन बनाए रखते हुए 9 ऐतिहासिक सौदे किए हैं, जो देश की परिपक्व विदेश नीति का प्रमाण हैं।
पड़ोसी देशों और अफ्रीकी देशों को भी उम्मीदें
नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा ने विश्वास जताया कि इन व्यापारिक समझौतों से न केवल भारत, बल्कि उसके पड़ोसी देश नेपाल को भी बड़ा आर्थिक लाभ पहुंचेगा।
लाइबेरिया चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयर जडसन वेंडेल एडी ने भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति की सराहना की, हालांकि उन्होंने भारत को ‘अफ्रीका केंद्रित’ अधिक सक्रिय आर्थिक नीति बनाने का सुझाव भी दिया।
मेक-इन-इंडिया और किसानों के हितों की जीत
कार्यक्रम के संचालक डॉ. विजय जौली ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को इन सौदों के जरिए भारतीय किसानों के हितों की रक्षा करने और ‘मेक-इन-इंडिया’ के तहत निर्मित वस्तुओं के निर्यात को नया आयाम देने के लिए बधाई दी।
परिचर्चा में दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू और जामिया के शोधकर्ताओं सहित कई देशों के राजनयिक मौजूद रहे।
श्रद्धांजलि सभा
परिचर्चा के दौरान दिल्ली स्टडी ग्रुप में 33 वर्षों तक निरंतर योगदान देने वाले स्वर्गीय अशोक गर्ग को पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित सभी लोगों ने मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की।



