बेंगलुरु: भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 5 फाइटर जेट और एक अवाक्स (AWACS) विमान को मार गिराया था।
यह पहला मौका है जब भारतीय वायुसेना ने इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान को हुए नुकसान पर आधिकारिक तौर पर कोई बयान दिया है। एयर चीफ मार्शल सिंह ने बेंगलुरु में आयोजित ‘एयर चीफ मार्शल एलएम कात्रे लेक्चर’ के दौरान इन जानकारियों को साझा किया।
S-400 रहा ‘गेम चेंजर’
वायुसेना प्रमुख ने बताया कि पाकिस्तान के इन विमानों को S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से निशाना बनाया गया था। उन्होंने इस सिस्टम को पूरे ऑपरेशन का ‘गेम चेंजर’ करार दिया। उन्होंने बताया कि S-400 ने एक पाकिस्तानी AEW&C/ELINT विमान को 300 किलोमीटर की दूरी से सफलतापूर्वक निशाना बनाया।
एपी सिंह ने कहा कि S-400 सिस्टम, जिसे हाल ही में वायुसेना में शामिल किया गया है, उसकी लंबी दूरी की क्षमता ने पाकिस्तानी विमानों को भारतीय सीमा के करीब आने और अपने लंबी दूरी के ग्लाइड बमों का इस्तेमाल करने से रोक दिया।
पहलगाम हमले का लिया गया बदला
एयर चीफ मार्शल सिंह ने बताया कि यह ऑपरेशन पहलगाम में हुई दुर्भाग्यपूर्ण आतंकी घटना का जवाब था। उन्होंने कहा कि देश को सिर्फ लॉन्चपैड तक ही नहीं, बल्कि आतंकी नेतृत्व को भी संदेश देना जरूरी था। इसी सोच के साथ भारतीय वायुसेना ने अन्य एजेंसियों और तीनों सेनाओं के साथ मिलकर पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने का फैसला किया था।
उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में बहावलपुर और मुरिदके में स्थित दो आतंकी मुख्यालयों को भी निशाना बनाया गया। मुरिदके में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय पर हमले से पहले और बाद की उपग्रह तस्वीरें भी दिखाई गईं, जिनसे पता चला कि आतंकी नेतृत्व के आवासीय क्षेत्र और मीटिंग हॉल को सटीक रूप से नष्ट कर दिया गया था।
‘सोचा-समझा और योजनाबद्ध अभियान’
- इसको भी पढ़ें: ट्रंप के Tariff War से और मजबूत हुआ भारत-रूस का रिश्ता
इस ऑपरेशन में कुल आठ एजेंसियों और तीनों सेनाओं ने मिलकर काम किया था। एपी सिंह के मुताबिक, सात लक्ष्य सीमा के पास थे, जबकि दो आतंकी नेतृत्व के गढ़ में गहराई तक जाकर निशाना बनाए गए थे। हमलों की पुष्टि हथियारों से मिली सीधे वीडियो फुटेज से हुई।
उन्होंने कहा, “यह एक बेहद सोचा-समझा और योजनाबद्ध अभियान था। इसका परिणाम यह रहा कि पाकिस्तान को एक स्पष्ट संदेश गया कि भारत न केवल सीमा पार के लॉन्चपैड बल्कि आतंकी संरचना के दिल पर भी चोट कर सकता है।”



