हिन्दी के क्लिष्ट शब्द अब आपके लिए आसान होने वाले हैं। दरअसल हिन्दी दिवस के अवसर पर पांचवें अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन मे केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिन्दी को आसान बनाने के लिए कई मुद्दों पर चर्चा की। गृह मंत्री ने कहा हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के बीच कोई स्पर्धा नहीं है, वे एक दूसरे की पूरक हैं। हिन्दी में सरलता से अनुवाद हो सके इसके लिए ‘सारथी अनुवाद प्रणाली’ का शुभारंभ किया। साथ ही 7 लाख शब्दों से बने हिन्दी के शब्दकोश, शब्दसिंधु कोष की भी चर्चा की।
सारथी अनुवाद प्रणाली की शुरुआत
सारथी अनुवाद प्रणाली का विमोचन करते हुए अमित शाह ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपनी-अपनी भाषा में उन्हें पत्र भेजें और पत्र का उत्तर उनकी भाषा में ही भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्र चाहे किसी भी भाषा में हो, सारथी में उसके अनुवाद की व्यवस्था की गई है। सारथी अनुवाद प्रणाली में हिन्दी से भारत की सभी मान्य भाषाओं में सरलता से अनुवाद करने की व्यवस्था है।
शब्दसिंधु कोष में शब्दों का भंडार
अमित शाह ने कहा संस्कृत ने ज्ञान की गंगा दी, हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं ने उसे जन-जन तक पहुँचाया। 51 हज़ार शब्दों से शुरू हुआ ‘हिंदी शब्दसिंधु’ आज 7 लाख शब्दों को पार कर चुका है। अमित शाह ने कहा कि 2029 तक यह दुनिया की सभी भाषाओं में सबसे बड़ा शब्दकोष बन जाएगा। उन्होंने कहा कि इस शब्दकोष के माध्यम से हमने हिन्दी को लचीली बनाना भी शुरू किया है। हिन्दी को बोलचाल की भाषा तभी बना सकते हैं जब वह लचीली बने।
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राजभाषा विभाग के अंतर्गत भारतीय भाषा अनुभाग
पिछले दिनों गृह मंत्रालय ने राजभाषा विभाग के अंतर्गत भारतीय भाषा अनुभाग बनाया है। यह अनुभाग हिन्दी ही नहीं बल्कि देश की सभी भारतीय भाषाओं को बल देगा और उन्हें आगे बढ़ाने का काम करेगा। राजभाषा समिति ने विगत चार वर्षों में 3 खंडों को प्रस्तुत किया है और चौथा खंड भी तैयार हो चुका है। अमित शाह ने कहा कि देश के लगभग 539 नगरों में राजभाषा समिति का गठन हो चुका है। लगभग 3 लाख 28 हज़ार अन्य भाषाओं के सरकारी कर्मियों को हिन्दी में प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा 40 हज़ार कर्मचारियों को टंकण, 1918 को आशुलिपि और 13 हज़ार कर्मचारियों को अनुवाद के लिए प्रशिक्षण दिया है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने JEE, NEET और UGC की परीक्षाएं 12 भाषाओं में शुरू की है जिससे मातृभाषा में पढ़ने वाले बच्चों के इन परीक्षाओं में सफल होने की संभावनाएं बढ़ी हैं। गृह मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की परीक्षाएं भी अब 12 भाषाओं में ली जाती हैं।



