भारत के बनने की प्रेरक कहानियों से सजा एक म्यूजियम

प्रधानमंत्री मोदी ने एकता दिवस के अवसर पर ‘म्यूजियम ऑफ रॉयल किंगडम्स ऑफ इंडिया’ की आधारशिला रखी, कहा – नई पीढ़ी को मिलेगी एकता और बलिदान की प्रेरणा।

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नई दिल्ली: रियासतों का एकीकरण स्वतंत्र भारत की एक उल्लेखनीय उपलब्धि है, जो विविधता में एकता तथा राष्ट्रीय विजय का प्रतीक है। इसी एकीकरण को समझाने के लिए प्रधानमंत्री ने इस राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर “म्यूजियम ऑफ रॉयल किंगडम्स ऑफ इंडिया” (भारत के शाही साम्राज्यों का संग्रहालय) की आधारशिला रखी। यह संग्रहालय गुजरात के एकता नगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास बनेगा। इस संग्रहालय का उद्देश्य आगामी पीढ़ियों को एकता, बलिदान और साझा विरासत की भावना से प्रेरित करना है।

367 करोड़ की लागत से बनेगा “शाही साम्राज्यों का संग्रहालय”

यह संग्रहालय 367 करोड़ रुपये की लागत से एकता नगर में पांच एकड़ भूमि पर निर्मित किया जाएगा। इसमें चार थीमैटिक गैलरीज़ होंगी, जो आगंतुकों को भारत की शाही विरासत से रूबरू करवायेंगी। इसी के साथ संग्रहालय में भारत के विभिन्न राजवंशों और रियासतों के राजचिह्न, वस्त्र, पांडुलिपियां, चित्र, शाही अभिलेख और कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी।

क्या है इस संग्रहालय से जुड़ी एतिहासिक पृष्ठभूमि..?

15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता के समय भारत में ब्रिटिश शासित क्षेत्र और 550 से अधिक रियासतें व रजवाड़े थे। सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में तत्कालीन गृह मंत्रालय ने रियासतों के शासकों को भारत संघ में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। वर्ष 1949 तक अधिकांश रियासतों का विलय हो गया, जिससे एक एकीकृत और संप्रभु गणराज्य भारत की नींव पड़ी।

इसी शांतिपूर्ण एकीकरण, भारत की कूटनीति, समावेशिता और राष्ट्रनिर्माण की भावना को दिखाने के लिए यह संग्रहालय बनाया जा रहा है।

Kuldeep Dwivedi

kuldeepd999@gmail.com

NewG India का अनुभवी चेहरा, 2017 में RGPV से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की। सिविल सर्विसेज कोच और लेखक के तौर पर शिक्षाकुल, एग्जामपुर, कॉसमॉस पब्लिकेशन जैसे अनेक संस्थानों में काम करने का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में NewG India में एंकर एवं रिसर्च स्कॉलर के तौर पर कार्य कर रहे हैं।

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