नई दिल्ली | राजधानी को धूल और प्रदूषण से मुक्त करने के लिए नगर निगम का 10 दिवसीय विशेष अभियान पूरे जोर-शोर से जारी है।
इसी कड़ी में करोल बाग जोन ने नारायणा विहार रेलवे ट्रैक के किनारे पड़े वर्षों पुराने कचरे (लेगेसी वेस्ट) को हटाने के लिए रात के समय एक सघन सफाई अभियान चलाया। इस ऑपरेशन के दौरान सफाई टीमों ने भारी मशीनों की मदद से रिकॉर्ड 149 मीट्रिक टन लेगेसी वेस्ट को मौके से हटाया।
रेलवे ट्रैक के किनारे अब तक 228 टन कचरे की सफाई
करोल बाग जोन के उपायुक्त दिलखुश मीणा ने बताया कि रेलवे ट्रैकों के किनारे जमा कचरा न केवल गंदगी फैलाता है बल्कि वायु प्रदूषण का भी बड़ा स्रोत है।
उन्होंने जानकारी दी कि चल रहे अभियान के तहत अब तक ज़ोनल क्षेत्राधिकार में रेलवे लाइनों के पास से कुल 228 मीट्रिक टन कचरा साफ किया जा चुका है।
मलबे पर भी बड़ी स्ट्राइक
धूल को नियंत्रित करने के लिए निर्माण एवं विध्वंस कचरे को हटाना सरकार की प्राथमिकता है। करोल बाग जोन ने पिछले कुछ दिनों में मलबे के खिलाफ भी मोर्चा खोल रखा है:
- ताजा कार्रवाई: 11 मार्च को विभिन्न वार्डों से 48 मीट्रिक टन मलबा उठाया गया।
- 5 दिनों का रिकॉर्ड: ज़ोनल संसाधनों द्वारा कुल 273 मीट्रिक टन मलबा हटाया जा चुका है।
- एजेंसी का योगदान: एमसीडी द्वारा नियुक्त विशेष एजेंसी ने कलेक्शन प्वाइंट्स से अब तक 550 मीट्रिक टन मलबा उठाया है।
कुल मिलाकर पिछले पांच दिनों में ज़ोन से लगभग 800 मीट्रिक टन से अधिक मलबा हटाया गया है, जिससे क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार हुआ है।



