22 जनवरी 2024 को अयोध्या में हुए रामलला के भव्य प्राण-प्रतिष्ठा की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर देश भर में उत्सव का माहौल है। इस ऐतिहासिक घड़ी से ठीक एक दिन पहले, प्रसिद्ध कवि और गीतकार मनोज भावुक का एक बेहद भावपूर्ण हिंदी गीत ‘मेरे राम’ रिलीज हुआ है। यह गीत किसी विशेष स्थान या मूर्ति स्थापना तक सीमित न रहकर, उस राम की बात करता है जो हर क्षण मनुष्य के भीतर और उसके साथ विद्यमान है।
भोजपुरी फिल्म का इकलौता हिंदी गीत
यह गीत निर्माता रोशन सिंह की फिल्म ‘मेहमान’ का हिस्सा है, जिसे एसआरके (SRK) म्यूजिक चैनल पर रिलीज किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि पूरी फिल्म भोजपुरी है, लेकिन राम की व्यापकता और उनकी सर्वव्यापक छवि को ध्यान में रखते हुए इस गीत को हिंदी में रखा गया है। फिल्म के नायक अरविंद अकेला कल्लू ने ही इसे अपनी मधुर आवाज दी है।
मनोज भावुक के शब्दों में ‘आध्यात्मिक पुकार’
गीत के बोल सीधे हृदय को छूते हैं। मनोज भावुक ने आज के दौर की विसंगतियों को राम की शरण से जोड़ते हुए लिखा है:
“ये अन्धी गलियां हैं, इनमें भटक रहे नर-नारी रंक की बात करूँ क्या मैं, जब राजा यहाँ भिखारी तुम बिन सब कुछ लगे अधूरा, तुम बिन सब बेकाम… मेरे राम”
यह गीत उस ‘रघुवर’ की पुकार है, जो मन के अंधियारे को दूर कर समाधान बनकर प्रकट होते हैं।
मनोज और रजनीश: सफलता की ‘गारंटी’ जोड़ी
इस गीत का संगीत रजनीश मिश्रा ने दिया है। भोजपुरी सिनेमा में मनोज भावुक और रजनीश मिश्रा की जोड़ी को ‘इतिहास रचने वाली जोड़ी’ माना जाता है। ‘मेहंदी लगा के रखना’ के कालजयी गीत “तोर बउरहवा रे माई” से लेकर हालिया फिल्मों तक, इस जोड़ी ने भोजपुरी गीतों के गिरते स्तर के बीच एक उम्मीद की किरण जगाई है।
साहित्य और पत्रकारिता का बड़ा नाम हैं मनोज भावुक
मनोज भावुक केवल एक गीतकार नहीं, बल्कि भोजपुरी सिनेमा के ‘इनसाइक्लोपीडिया’ कहे जाने वाले विद्वान साहित्यकार और वरिष्ठ पत्रकार हैं। फिल्मफेयर और भारतीय भाषा सम्मान जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित भावुक के गीतों में शैलेंद्र, मजरूह और अंजान जैसी सादगी और गहराई नजर आती है।
फिल्म ‘मेहमान’ का सामाजिक संदेश
निर्देशक लाल बाबू पंडित की यह फिल्म एक संपूर्ण पारिवारिक मनोरंजन है। फिल्म में अरविंद अकेला कल्लू के साथ दर्शना बनिक, संजय पांडेय और समर्थ चतुर्वेदी जैसे दिग्गज कलाकारों ने अभिनय किया है। ‘मेरे राम’ गीत की रिलीज ने फिल्म की लोकप्रियता में चार चांद लगा दिए हैं।



