नयी दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026-27 में कैंसर मरीजों को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 17 आवश्यक कैंसर दवाओं पर मूल सीमा शुल्क (बेसिक कस्टम ड्यूटी) को पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा की है। इस फैसले से कैंसर उपचार की लागत में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
सात और दुर्लभ बीमारियां सूचि में शामिल
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में यह भी घोषणा की कि 7 और दुर्लभ बीमारियों को उन बीमारियों की सूची में शामिल किया गया है, जिनके उपचार के लिए आयात की जाने वाली दवाओं, औषधियों और विशेष चिकित्सकीय आहार पर सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी। यह छूट व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित दवाओं पर लागू होगी।
सरकार द्वारा जारी पीआईबी की जानकारी के अनुसार, 2026-27 के अप्रत्यक्ष कर प्रस्तावों के तहत व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित सभी शुल्कयोग्य वस्तुओं पर सीमा शुल्क दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य आम नागरिकों की जीवन-सहजता बढ़ाना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में रोगों का बोझ तेजी से गैर-संचारी बीमारियों जैसे कैंसर, मधुमेह और ऑटो-इम्यून रोगों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में जैविक और उन्नत दवाएं किफायती दरों पर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है, जिससे मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना
इसके साथ ही, सीतारमण ने स्वास्थ्य और आयुष क्षेत्र को मजबूत करने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना, आयुष फार्मेसियों और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं के उन्नयन तथा जामनगर स्थित डब्ल्यूएचओ के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र के और विकास की भी घोषणा की।
सरकार के इन निर्णयों को कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत देने वाला और स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



