नयी दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को युवा शक्ति संचालित, गरीब–वंचित केंद्रित और सुधारोन्मुख बजट बताया गया है। कर्तव्य भवन में तैयार यह पहला बजट तीन कर्तव्यों—आर्थिक वृद्धि, जन-आकांक्षाओं की पूर्ति और सबका साथ-सबका विकास से प्रेरित है।
आर्थिक वृद्धि तेज
बजट में आर्थिक वृद्धि को तेज रखने के लिए विनिर्माण, एमएसएमई, अवसंरचना, ऊर्जा सुरक्षा और शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर ज़ोर दिया गया है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है। बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये से भारत को वैश्विक बायोफार्मा केंद्र बनाने की दिशा तय की गई है।
लोगों की आकांक्षाओं और क्षमता निर्माण के लिए खेलो इंडिया मिशन, चिकित्सा पर्यटन, एवीजीसी कंटेंट लैब, छात्रावास, पर्यटन गाइड प्रशिक्षण और कौशल विकास की घोषणाएं की गई हैं। कृषि में एआई आधारित भारत विस्तार टूल से किसानों को तकनीकी सहायता मिलेगी।
सबका साथ–सबका विकास
सबका साथ–सबका विकास के तहत किसानों की आय बढ़ाने, सहकारिता को कर राहत, मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों का विस्तार, पूर्वोदय और पूर्वोत्तर पर विशेष फोकस रखा गया है।
कर सुधारों में नया आयकर अधिनियम 2025 (अप्रैल 2026 से लागू), सरल नियम, दंड–अभियोजन में युक्तिकरण, आईटी सेक्टर को सेफ हार्बर राहत और विदेशी निवेश को बढ़ावा शामिल हैं।
जीवन-यापन की सुगमता के लिए 17 दवाओं पर सीमा शुल्क छूट, व्यक्तिगत आयात पर टैरिफ घटाकर 10% और सीमा शुल्क प्रक्रियाओं का पूर्ण डिजिटलीकरण प्रस्तावित है।



