टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी नियमों में बड़े संशोधन लागू

दूरसंचार विभाग ने स्पष्ट किया है कि 22 अक्टूबर 2025 को अधिसूचित टेलीकॉम टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी नियमों में बड़े संशोधन लागू (संशोधन) नियम-2025 पूरी तरह लागू हैं। नए नियमों से फर्जी अकाउंट, चोरी के मोबाइल और साइबर फ्रॉड पर प्रभावी रोक लगेगी।

Share This Article:

नई दिल्ली: दूरसंचार विभाग (DoT) ने 27 नवंबर 2025 को 22 अक्टूबर 2025 को जारी टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी (संशोधन) नियम-2025 (G.S.R. 771(E)) पूरी तरह वैध और लागू हैं। दरअसल, तकनीकी गलती से इन्हें 29 अक्टूबर को दोबारा प्रकाशित (G.S.R. 796(E)) कर दिया गया था। इसे 25 नवंबर 2025 के नए नोटिफिकेशन (G.S.R. 863(E)) से रद्द कर दिया गया है। सरकार ने जोर दिया कि पहला नोटिफिकेशन ही मान्य है और नियम पूरी तरह लागू हो चुके हैं।मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन प्लेटफॉर्म अनिवार्यनए नियमों में सबसे बड़ा बदलाव मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन प्लेटफॉर्म (MNV Platform) को शामिल करना है। अब बैंक, ई-कॉमर्स कंपनियां, वॉलेट और अन्य डिजिटल सेवाएं बिना सत्यापन के किसी का मोबाइल नंबर अपने प्लेटफॉर्म से लिंक नहीं कर सकेंगी। यह प्लेटफॉर्म टेलीकॉम कंपनियों के साथ रियल-टाइम में यह जांचेगा कि जिस व्यक्ति का नाम और KYC है, उसी के पास वह नंबर है या नहीं। इससे म्यूल अकाउंट, फर्जी KYC और OTP फ्रॉड में भारी कमी आएगी।चोरी व ब्लैकलिस्ट फोन की बिक्री पर रोकभारत में सेकंड-हैंड और रिफर्बिश्ड फोन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसमें चोरी, ब्लैकलिस्ट और क्लोन IMEI वाले फोन खुलेआम बिक रहे थे। नए नियमों के तहत अब हर दुकान, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या रिफर्बिशर को बिक्री से पहले हर फोन के IMEI को केंद्रिय डेटाबेस (CEIR पोर्टल) में “स्क्रब” करना अनिवार्य होगा। अगर IMEI ब्लैकलिस्ट में है तो वह फोन बेचना गैर-कानूनी होगा। इससे आम खरीदार को कानूनी परेशानी से बचाया जाएगा और चोरी के फोन की रिसाइक्लिंग बंद होगी।TIUE की नई जिम्मेदारीनियमों में पहली बार Telecom Identifier User Entity (TIUE) की परिभाषा दी गई है। इसमें बैंक, फिनटेक, ई-कॉमर्स, सोशल मीडिया आदि सभी प्लेटफॉर्म शामिल हैं जो ऑथेंटिकेशन के लिए मोबाइल नंबर, IMEI या IP एड्रेस का इस्तेमाल करते हैं। जरूरत पड़ने पर इन संस्थाओं को सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जरूरी डेटा साझा करना होगा। इससे साइबर फ्रॉड की जांच में तेजी आएगी और दोषी की पहचान आसान होगी।डिजिटल भारत को और सुरक्षित बनाने की दिशा में कदमदूरसंचार विभाग का कहना है कि जैसे-जैसे डिजिटल लेन-देन बढ़ रहे हैं, टेलीकॉम पहचान (मोबाइल नंबर और IMEI) का दुरुपयोग भी बढ़ा है। ये संशोधन इन कमियों को दूर करते हैं और इनोवेशन, गोपनीयता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाते हैं। विभाग ने सभी हितधारकों से नए नियमों का तुरंत पालन करने को कहा है।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

https://x.com/DjSanjayrai

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.