नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए लोकसभा की सीटों में 50% बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। गुरुवार को लोकसभा में केंद्रीय कानून मंत्री Arjun Ram Meghwal ने बताया कि सभी राज्यों की सीटें बढ़ाई जाएंगी और कुल सीटों की संख्या बढ़ाकर 815 (अधिकतम 850) तक की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इन सीटों में से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो कि सदन की कुल ताकत का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है।
सरकार ने इस दिशा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 और डीलिमिटेशन बिल, 2026 को पेश किया है। इन विधेयकों का उद्देश्य लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में सीटों का पुनर्निर्धारण करना है।
कानून मंत्री ने सदन में कहा कि इस बदलाव से किसी भी राज्य की मौजूदा स्थिति पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। सभी राज्यों की हिस्सेदारी सुरक्षित रहेगी और सीटों में समान रूप से वृद्धि की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण कानून, जो 2023 में पारित हुआ था, उसे 2026 के बाद होने वाली जनगणना और डीलिमिटेशन प्रक्रिया के आधार पर लागू किया जाएगा।
विपक्ष का विरोध:
केंद्र सरकार के इस कदम पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया है। कई विपक्षी दलों का कहना है कि डीलिमिटेशन की प्रक्रिया से राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है और कुछ राज्यों को नुकसान हो सकता है।
सरकार का दावा है कि यह कदम महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में न्याय दिलाने और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए उठाया गया है, जबकि विपक्ष इसे लेकर सवाल उठा रहा है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर संसद में तीखी बहस होने की संभावना है।



