नई दिल्ली: मशहूर आईवियर ब्रांड ‘लेंसकार्ट’ अपने कथित ड्रेस कोड को लेकर बड़े विवाद में फंस गया है। सोशल मीडिया पर कंपनी का एक ‘ग्रूमिंग गाइड’ डॉक्यूमेंट वायरल हो रहा है, जिसमें हिंदू धार्मिक प्रतीकों जैसे बिंदी, तिलक और कलावा पहनने पर पाबंदी की बात कही गई है, जबकि हिजाब और पगड़ी को शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। इस भेदभावपूर्ण नीति को लेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा है और कंपनी के बहिष्कार की मांग उठने लगी है।
क्या है विवाद ?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने इस पॉलिसी का स्क्रीनशॉट एक्स (X) पर साझा किया। वायरल डॉक्यूमेंट के अनुसार, महिला कर्मचारियों को स्टोर में बिंदी लगाने की अनुमति नहीं है और पुरुषों को कलावा या धार्मिक रिस्ट बैंड हटाने का निर्देश दिया गया है। वही, दूसरी ओर इसमें कहा गया है कि कर्मचारी काले रंग का हिजाब या पगड़ी पहन सकते हैं, बशर्ते उससे कंपनी का लोगो न छिपे। हालांकि, बुर्का पहनकर काम करने पर रोक की बात भी इसमें शामिल है।
So I confirmed, this is genuine. This is what @peyushbansal tells his employees, hijab is okay, but bindi/tilak/Kalawa is not, for @Lenskart_com, a company that exists in Hindu majority Bharat, where most of the employees and consumers are Hindu! What do you say to this? This is… https://t.co/jQ2EPdWPJM pic.twitter.com/SWfOajOjpo
— Shefali Vaidya. 🇮🇳 (@ShefVaidya) April 15, 2026
सीईओ पीयूष बंसल ने दी सफाई
मामले को तूल पकड़ता देख लेंसकार्ट के फाउंडर और सीईओ पीयूष बंसल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि वायरल हो रहा डॉक्यूमेंट पुराना और भ्रामक है। बंसल ने स्पष्ट किया, “यह कंपनी की मौजूदा गाइडलाइन नहीं है। लेंसकार्ट सभी धर्मों का सम्मान करती है और हमारे हजारों कर्मचारी अपनी संस्कृति और विश्वास को गर्व के साथ पहनते हैं।”
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब लेंसकार्ट ने दिसंबर तिमाही में 131 करोड़ रुपये का बंपर मुनाफा दर्ज किया है।



