HAL को मिला तेजस Mk1A का पांचवां शक्तिशाली F404-IN20 इंजन

GE एयरोस्पेस ने स्वदेशी लड़ाकू विमान परियोजना LCA तेजस Mk1A के लिए HAL को पांचवां F404-IN20 इंजन सौंपा। 113 इंजनों की डील के तहत की जा रही डिलीवरी 2027 से 2032 तक पूरी होगी। HAL और GE भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर तेज गति से काम कर रहे हैं।

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नई दिल्ली। अमेरिकी ग्लोबल इंजन कंपनी जीई एयरोस्पेस ने स्वदेशी लड़ाकू विमान परियोजना एलसीए मार्क-1ए के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को पांचवां F404-IN20 जेट इंजन सौंप दिया है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि यह डिलीवरी 2021 में दिए गए ऑर्डर के तहत की गई है। जीई एयरोस्पेस और HAL उत्पादन समय-सीमा को सुनिश्चित करने के लिए लगातार समन्वय में काम कर रहे हैं, ताकि स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं की गति बनी रहे।

F404-IN20 इंजन कितना ताकतवर

F404-IN20 इंजन, HAL द्वारा निर्मित भारत के स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस Mk1A को शक्ति प्रदान करता है। इसी ऑर्डर के अंतर्गत चौथा इंजन अक्टूबर 2025 में HAL को सौंपा गया था। तेजस Mk1A कार्यक्रम को गति देने के लिए HAL ने जीई एयरोस्पेस के साथ कुल 113 F404-IN20 इंजनों की खरीद के लिए एक बड़ा समझौता किया है, ताकि 97 LCA Mk1A विमानों के निर्माण लक्ष्य को पूरा किया जा सके।

रक्षा मंत्रालय ने साइन किया एमओयू

HAL ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि यह इंजन समझौता 7 नवंबर 2025 को किया गया था। इंजनों की आपूर्ति 2027 से 2032 के बीच चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। इससे पहले रक्षा मंत्रालय ने सितंबर 2025 में 97 LCA Mk1A विमानों के लिए आधिकारिक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे इस परियोजना को औपचारिक मंजूरी मिल गई।

विमान निर्माण की रफ्तार बढ़ेगी

स्वदेशी रक्षा निर्माण की क्षमता बढ़ाने के लिए इस वर्ष अक्टूबर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने HAL की नासिक इकाई में तेजस Mk1A की तीसरी उत्पादन लाइन और HTT-40 ट्रेनर विमान की दूसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन किया। इससे विमान निर्माण की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है और देश की आत्मनिर्भरता को और मजबूती मिलेगी।

14 मिलियन डॉलर का नया निवेश

उधर, जीई एयरोस्पेस ने अपने पुणे संयंत्र के विस्तार के लिए 14 मिलियन डॉलर के नए निवेश की घोषणा की है। यह निवेश पिछले वर्ष किए गए 30 मिलियन डॉलर के निवेश के बाद दूसरी बड़ी पूंजी वृद्धि है। कंपनी ने बताया कि यह राशि उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई तकनीक और स्वचालन में सुधार तथा उन्नत इंजन घटकों के निर्माण को सुदृढ़ करने पर खर्च की जाएगी।

जीई एयरोस्पेस और HAL के बीच यह बढ़ता सहयोग भारतीय एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम को गति मिलेगी, बल्कि भारत की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता भी वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी।

Sandeep Kumar

sandeepx4a@gmail.com

संदीप कुमार एक अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार जगत में 14 साल से ज्यादा काम किया है। इन्हें गहन शोध, सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ETV Bharat, Hyderabad में साढ़े पाँच वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक कई अहम खबरों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने Network 10, TOTAL News, MH1 समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी पत्रकारिता का कौशल साबित किया। राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। इस समय newG india में कार्यरत हैं।

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