भारत में बन रहा मजबूत सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम

भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का पूरा इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है। सरकार की नीतियों से विदेशी और घरेलू कंपनियां भारत में निवेश और उत्पादन बढ़ा रही हैं।

Share This Article:

नई दिल्ली: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 5 दिसंबर 2025 को राज्यसभा में बताया कि भारत में अब सिर्फ चिप फैक्ट्री ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ा पूरा इकोसिस्टम तैयार हो रहा है। विशेष रसायन (स्पेशल गैस), कच्चा माल, छोटे-बड़े पुर्जे, वेयरहाउसिंग और मशीनें बनाने वाली कंपनियां भारत में अपने कारखाने और गोदाम बढ़ा रही हैं। जो कंपनियां सेमीकंडक्टर बनाने की मशीनें बनाती हैं, वे भी भारत में अपना आधार मजबूत कर रही हैं। इससे लाखों नौकरियां पैदा होंगी और देश की तकनीकी ताकत बढ़ेगी।

वैश्विक सप्लाई चेन का हिस्सा बनेगा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर की सप्लाई चेन पूरी दुनिया में फैली हुई है। पहले भारत इसमें सिर्फ खरीदार था, लेकिन अब सरकार चाहती है कि पूरी चेन का बड़ा हिस्सा भारत में आए। इसके लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम, सब्सिडी और आसान नियम बनाए गए हैं। विदेशी कंपनियां अब भारत को सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि विश्वसनीय उत्पादन केंद्र मान रही हैं।आयात कम करने की मजबूत कोशिशसरकार ने आयातित मोबाइल, लैपटॉप, टीवी जैसे सामान पर आयात शुल्क बढ़ाया है और बेचने के लिए भारतीय कल-पुर्जों की अनिवार्य मात्रा तय की है। BIS प्रमाणन को भी सख्त किया गया है। इसका सीधा असर यह है कि विदेशी कंपनियां अब भारत में ही फैक्ट्री लगा रही हैं या भारतीय कंपनियों से पार्ट्स खरीद रही हैं। इससे“मेक इन इंडिया”को बल मिल रहा है।

आयात-निर्यात के ताजा आंकड़े वाणिज्यिक खुफिया एवं सांख्यिकी महानिदेशालय (DGCI&S) के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने इलेक्ट्रॉनिक सामान का 98.6 अरब डॉलर का आयात किया, जबकि निर्यात सिर्फ 38.5 अरब डॉलर का हुआ। यानी अभी भी 60 अरब डॉलर से ज्यादा का व्यापार घाटा है। लेकिन मंत्री ने कहा कि नए कारखानों और नीतियों से आने वाले सालों में यह अंतर तेजी से कम होगा और निर्यात कई गुना बढ़ेगा।विश्वसनीय वैश्विक साझेदार के रूप में उभरा भारतजितिन प्रसाद ने कहा कि सरकार की स्पष्ट और मजबूत नीतियों की वजह से आज दुनिया भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भरोसेमंद साथी मान रही है। ताइवान, अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया की बड़ी कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं। आने वाले 5-7 सालों में भारत दुनिया के टॉप-3 इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण देशों में शामिल हो सकता है। यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों या फैक्टरियों की संख्या में नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और नई पीढ़ी के लिए बेहतर रोजगार के सपने को सच करने की दिशा में बड़ा कदम है।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

https://x.com/DjSanjayrai

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.