नई दिल्ली | भाजपा सांसद कंगना रनौत ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया। कंगना ने राहुल गांधी की तुलना ‘टपोरी’ (आवारा) से करते हुए कहा कि उनके व्यवहार से महिलाओं को बहुत असुरक्षा और असहजता महसूस होती है।
कंगना ने संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी का बात करने का तरीका “तू-तड़ाक” वाला है और वे इंटरव्यू दे रहे लोगों पर ‘हूटिंग’ भी करते हैं, जो बेहद अमर्यादित है।
यह विवाद तब गहराया जब 84 पूर्व नौकरशाहों, 116 दिग्गजों और चार वकीलों ने राहुल गांधी को एक खुला पत्र लिखकर माफी की मांग की। दरअसल, 12 मार्च 2026 को बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी संसद के ‘मकर द्वार’ पर विरोध प्रदर्शन के बीच चाय और बिस्कुट खाते देखे गए थे। पत्र में इस व्यवहार को संसदीय गरिमा के खिलाफ और ‘अहंकार’ का प्रतीक बताया गया है। पूर्व डीजीपी एस.पी. वैद के नेतृत्व में हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि विपक्ष के नेता (LoP) जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की ‘थिएट्रिक्स’ (नौटंकी) शोभा नहीं देती।
कंगना रनौत ने राहुल गांधी को अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा से शालीनता सीखने की सलाह देते हुए कहा कि प्रियंका का आचरण बहुत अच्छा है, जबकि राहुल गांधी खुद एक “शर्म” का विषय हैं। कंगना के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। जहाँ भाजपा समर्थकों ने इसे अनुशासन का मुद्दा बताया है, वहीं कांग्रेस की ओर से इसे निजी हमला करार दिया जा रहा है।



