नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एक बार फिर इतिहास रच दिया है। इसरो आज यानी 2 नवंबर 2025 को 5 बजकर 26 मिनट पर इसरो ने संचार उपग्रह GSAT-7R (CMS-03) का सफल प्रक्षेपण किया। जिसका लाइव प्रसारण यूट्यूब.कॉम पर भी किया गया। यह उपग्रह हिन्द महासागर में नौसेना की कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा, जिससे शिप और पनडुब्बी का संचालन करते समय निर्बाध संचार होगा।
स्वदेशी डिजाइन के साथ श्री हरिकोटा से किया प्रक्षेपण
करीब 4,400 किलोग्राम वजनी यह उपग्रह अब तक का भारत का सबसे भारी संचार उपग्रह होगा। इसका प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया गया। इसे पूरी तरह स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है। जीसैट-7आर भारतीय नौसेना की अंतरिक्ष-आधारित संचार प्रणाली और समुद्री क्षेत्र जागरूकता क्षमताओं को नई ऊंचाई देगा।
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नौ सेना को हिन्द महासागर में मिलेगी बढ़त
यह सेटेलाइट नौसेना की ऑपरेशनल और स्ट्रेटजिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जीसैट-7आर के माध्यम से हिंद महासागर क्षेत्र में व्यापक और बेहतर दूरसंचार कवरेज संभव होगा। उपग्रह के उन्नत ट्रांसपोंडर विभिन्न संचार बैंडों पर ध्वनि, डेटा और वीडियो लिंक को सपोर्ट करेंगे। उच्च बैंडविड्थ क्षमता के कारण यह सिस्टम भारतीय नौसेना के जहाजों, विमानों, पनडुब्बियों और संचालन केंद्रों के बीच सुरक्षित, निर्बाध और वास्तविक समय संचार सुनिश्चित करेगी।

जीसैट-7आर (CMS-03) का प्रक्षेपण देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें



