आईएनएस त्रिखंड का मिशन पूरा, सेशेल्स के साथ भारत का दमदार युद्धाभ्यास

हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक मौजूदगी एक बार फिर मजबूत होती दिखी है। भारतीय नौसेना का स्टील्थ फ्रिगेट INS Trikhand सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया में अपनी महत्वपूर्ण बंदरगाह यात्रा पूरी कर 20 मार्च 2026 को रवाना हो गया। इस दौरान भारत और सेशेल्स के बीच सैन्य सहयोग को नई मजबूती मिली।

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नई दिल्ली/पोर्ट विक्टोरिया (सेशेल्स) | हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक मौजूदगी एक बार फिर मजबूत होती दिखी है। भारतीय नौसेना का स्टील्थ फ्रिगेट INS Trikhand सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया में अपनी महत्वपूर्ण बंदरगाह यात्रा पूरी कर 20 मार्च 2026 को रवाना हो गया। इस दौरान भारत और सेशेल्स के बीच सैन्य सहयोग को नई मजबूती मिली।


पोर्ट विक्टोरिया में मजबूत हुए रिश्ते

INS Trikhand की इस यात्रा के दौरान जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने सेशेल्स के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और भारत के उच्चायुक्त से मुलाकात की।

इस दौरान भारत की ओर से सेशेल्स सरकार को जरूरी पुर्जे और अहम सामग्री भी सौंपी गई, जो दोनों देशों के बीच भरोसे और सहयोग को दर्शाती है।


‘अभ्यास लामितिये 2026’ में पहली त्रि-सेवा भागीदारी

इस यात्रा की सबसे खास बात रही ‘अभ्यास लामितिये 2026’, जिसमें पहली बार थल, जल और वायु—तीनों सेनाओं ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।

  • भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना की संयुक्त भागीदारी
  • सेशेल्स रक्षा बल (SDF) के साथ समन्वित युद्धाभ्यास
  • यह इस अभ्यास का 11वां संस्करण रहा, जिसमें भारतीय नौसेना की पहली भागीदारी दर्ज हुई

‘लामितिये’ शब्द का अर्थ ‘मित्रता’ है, जो भारत और सेशेल्स के गहरे संबंधों को दर्शाता है।


समुद्र से जमीन तक संयुक्त ऑपरेशन

अभ्यास के दौरान कई महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधियां आयोजित की गईं:

  • विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर (VBSS) ट्रेनिंग
  • समुद्र में संयुक्त बोर्डिंग ऑपरेशन
  • SCGS Le Vigilant के साथ समुद्री अभ्यास
  • प्रस्लिन द्वीप पर संयुक्त लैंडिंग ऑपरेशन

इस दौरान भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो और सेशेल्स के विशेष बलों ने मिलकर ऑपरेशन को अंजाम दिया।


वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

अभ्यास के समुद्री चरण के दौरान सेशेल्स रक्षा बल के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज मेजर जनरल माइकल रोसेट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी INS Trikhand पर मौजूद रहे और पूरे ऑपरेशन का जायजा लिया।

इससे दोनों देशों के बीच सैन्य विश्वास और तालमेल और मजबूत हुआ।


हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक बढ़त

यह पूरी गतिविधि भारत के ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) विजन को मजबूत करती है।

  • क्षेत्र में भारत की भूमिका एक भरोसेमंद सुरक्षा भागीदार के रूप में उभर रही है
  • समुद्री सुरक्षा और सहयोग को बढ़ावा
  • संकट के समय ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाने की तैयारी

Samiksha Mishra

samiksha.mishra1222@gmail.com

मैं कॉपीराइटर हूँ, जिसे कंटेंट के ज़रिए कहानियाँ गढ़ने और ब्रांड्स की आवाज को मजबूती देने का तीन वर्षों का पेशेवर अनुभव है। शब्दों की सटीकता, रचनात्मकता और पाठकों से जुड़ाव, यही मेरी लेखनी की पहचान है।

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