नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर 14 दिसंबर को यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमले में शामिल साजिद अकरम भारत का रहने वाला निकला है। साजिद मूल रूप से तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद का निवासी था। तेलंगाना पुलिस ने पुष्टि की है कि उसने 27 साल पहले देश छोड़ दिया था।
भारत में साजिद के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड नहीं
साजिद अकरम ने हैदराबाद से बी.कॉम. की पढ़ाई की थी और नौकरी की तलाश में नवंबर 1998 में ऑस्ट्रेलिया चला गया था। बाद में उसने यूरोपीय मूल की महिला वेनेरा ग्रोसो से विवाह किया और वहीं स्थायी रूप से बस गया। साजिद के पास अब भी भारतीय पासपोर्ट मौजूद था। आतंकी हमले में शामिल साजिद का बेटा नवीद ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है। साजिद की एक बेटी भी है। तेलंगाना पुलिस के मुताबिक, 1998 से पहले भारत में साजिद के खिलाफ किसी भी प्रकार का आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है।
पिता की मौत पर भी नहीं आया था भारत
भारत में रह रहे साजिद के रिश्तेदारों का कहना है कि पिछले 27 वर्षों में उसका परिवार से संपर्क बेहद सीमित रहा। ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद वह कुल छह बार भारत आया था। इन यात्राओं के पीछे संपत्ति से जुड़े मामलों और बुजुर्ग माता-पिता से संबंधित पारिवारिक कारण बताए जा रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, साजिद आखिरी बार वर्ष 2022 में भारत आया था। बताया गया है कि वह अपने पिता के निधन के समय भी भारत नहीं आया। परिवार के सदस्यों का दावा है कि उन्हें साजिद या उसके बेटे नवीद के किसी भी प्रकार के कट्टरपंथी विचारों या गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी।
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सीएनएन ने छापी थी रिपोर्ट
इससे पहले अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन ने फिलीपींस के अधिकारियों के हवाले से जानकारी दी थी कि साजिद अकरम अपने बेटे नवीद के साथ 1 नवंबर को फिलीपींस गया था। इस दौरान साजिद ने भारतीय पासपोर्ट जबकि उसके बेटे ने ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट का उपयोग किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों एक महीने से हमले की तैयारी कर रहे थे।



