नई दिल्ली: पीयूष गोयल ने 21 नवंबर 2025 को इजराइल के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री एवि डिच्टर से मुलाकात की। डिच्टर ने भारत को इजराइल की 25 साल की खाद्य सुरक्षा रोडमैप, उन्नत बीज तकनीक और पानी के पुनर्चक्रण में विश्व नेतृत्व की जानकारी दी। गोयल ने इसे भारत के लिए बहुत उपयोगी बताया, क्योंकि हमारे देश में भी पानी की बचत और बेहतर फसल के लिए ऐसी तकनीक की जरूरत है।
पेरेस सेंटर में देखीं दुनिया की अग्रणी तकनीकें
गोयल ने पेरेस सेंटर फॉर पीस एंड इनोवेशन का दौरा किया। यहां उन्हें ड्रिप इरिगेशन, आयरन डोम, स्टेंट तकनीक और वर्चुअल रियलिटी की लाइव डेमो दिखाई गई। उन्होंने सेंटर को “प्रेरणा का स्रोत” बताया और कहा कि इजराइल की रचनात्मकता और सामाजिक प्रभाव की यात्रा देखकर मन गद्गद् हो गया।
खुद चलने वाली कार का सफर और किबुत्ज का अनुभव
मोबिलआइ कंपनी ने मंत्री को अपनी ऑटोनॉमस ड्राइविंग कार में बैठाकर भविष्य की मोबिलिटी दिखाई। इसके बाद किबुत्ज रामत राहेल गए, जहां सहकारी खेती, टिकाऊ कृषि और सामुदायिक नवाचार का जीता-जागता मॉडल देखा। ये अनुभव भारत के ग्रामीण विकास और स्मार्ट खेती के लिए बहुत काम आएंगे।
व्यापार और निवेश को नई गति
20 नवंबर को इजराइल के अर्थव्यवस्था मंत्री निर बरकात और वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच से मुलाकात हुई। दोनों देशों के बीच चल रहे व्यापार की समीक्षा की गई और फिनटेक, एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, दवा, अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में नए मौके तलाशे गए।
बड़ा कदमः FTA के लिए Terms of Reference पर हस्ताक्षर
यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पल भारत-इजराइल मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए Terms of Reference पर दोनों देशों ने हस्ताक्षर करना रहा। दोनों मंत्रियों ने कहा कि जल्द ही बातचीत पूरी करके संतुलित और पारस्परिक लाभ वाला समझौता करेंगे। इससे द्विपक्षीय व्यापार कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।
उद्योग जगत के दिग्गजों से सीधी बातचीत
गोयल ने चेक पॉइंट (साइबर सिक्योरिटी), नेटाफिम (सटीक सिंचाई), आईडीई टेक्नोलॉजीज (पानी समाधान) और एनटीए (मेट्रो प्रोजेक्ट) जैसी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। साइबर सुरक्षा, पानी-सीवेज प्रबंधन, शहरी परिवहन और ड्रिप इरिगेशन में भारत को उनकी तकनीक चाहिए।
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हीरा कारोबार और CEO फोरम ने भरा जोश
भारत-इजराइल व्यापार का पुराना स्तंभ हीरा क्षेत्र भी नहीं भूला। मंत्री ने हीरा कारोबारियों से बात की। भारत-इजराइल CEOs फोरम में दोनों देशों के बड़े उद्योगपतियों ने भरोसा जताया कि आने वाला समय दोनों देशों के आर्थिक संबंधों का स्वर्णिम काल होगा। पीयूष गोयल की इस यात्रा ने साफ कर दिया कि विश्वास, तकनीक और व्यापार के मजबूत धागे से बंधे भारत-इजराइल संबंध अब और ऊंचाइयों को छूने वाले हैं।



