भारत ने निकला अमेरिका के टैरिफ का तोड़, ब्रिटेन से रिश्ता किया बेजोड़

ब्रिटेन दौरे पर भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इसको एतिहासिक बताने के साथ अमेरिकी टैरिफ का तोड़ भी माना जा रहा है। समझौता उस वक्त हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिटेन के दौरे पर थे।

Share This Article:

नई दिल्ली: अमेरिका की टैरिफ थोपने की धमकियों का तोड़ भारत ने निकाल लिया है। अब भारतीय प्रॉडक्ट का एक्सपोर्ट अमेरिका में कम सही यूके में ज्यादा होगा क्योंकि भारतीय सरकार ने व्यापक आर्थिक व व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर किया है। इसे 99 फीसदी इंडियन प्रॉडक्ट ब्रिटेन के बाजार में बिना टैक्स के पहुंच सकेंगे। दोनों देशों के बीच इस करार से न केवल भारतीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। यह समझौता कपड़ा, चमड़ा, जूते, रत्न एवं आभूषण, समुद्री उत्पाद और खिलौनों सहित श्रम-प्रधान क्षेत्रों को नया प्लेटफॉर्म मुहैया कराएगा। 

समझौता ऐतिहासिक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर की मौजूदगी में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल और व्यापार एवं वाणिज्य राज्य मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और राजकोष की चांसलर सुश्री रेचल रीव्स भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। यह मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत के जुड़ाव में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। दुनिया की क्रमशः चौथी और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और ब्रिटेन के द्विपक्षीय संबंध वैश्विक आर्थिक महत्व रखते हैं।

कितना अहम है समझौता 

  • 56 अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है दोनों देशों के बीच। इसे 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य है।
  • कपड़ा, समुद्री उत्पाद, चमड़ा, जूते, खेल के सामान, खिलौने और रत्न व आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, ऑटो कंपोनेंट और जैविक रसायन के लिए नए द्वारा खुले हैं।
  • भारतीय अर्थव्यवस्था के एक मजबूत चालक, सेवा क्षेत्र को भी व्यापक लाभ मिलेगा। 
  • आईटी और आईटी-सक्षम सेवाओं, वित्तीय और कानूनी सेवाओं, पेशेवर और शैक्षिक सेवाओं, और डिजिटल व्यापार बेहतर मंच मिलेगा। 
  • ब्रिटेन में नौकरी करने वाले आर्किटेक्ट, इंजीनियर, शेफ, योग प्रशिक्षक और संगीतकार को सरल वीजा समेत अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
  • भारत ने दोहरे अंशदान समझौते पर भी समझौता किया है। इससे भारतीय पेशेवरों और उनके नियोक्ताओं को ब्रिटेन में तीन साल तक के लिए सामाजिक सुरक्षा भुगतान से छूट मिलेगी।
  • महिला और युवा उद्यमी, किसान, मछुआरे, स्टार्टअप और एमएसएमई  को बढ़ावा मिलेगा।

यूके से रिश्ते में आएगी और मिठास
सीईटीए से आने वाले वर्षों में व्यापार की मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि होने, रोजगार सृजन, निर्यात का विस्तार और भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच एक गहरे, अधिक लचीले आर्थिक संबंधों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

NewG Network

contact@newgindia.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.