एआई टूल्स की मदद से आसानी से होगी टीबी और मधुमेह की स्क्रीनिंग

एआई आधारित निदान, टेलीमेडिसिन और रियल-टाइम निगरानी उपकरणों ने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती बनाया है, बल्कि चिकित्सा के मानकों को भी नई ऊंचाई दी है।

Share This Article:

नई दिल्ली | भारत में स्वास्थ्य सेवाओं का परिदृश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एकीकरण के साथ एक ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

केंद्र सरकार के ‘इंडियाएआई मिशन’ और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के समन्वय से अब दूरदराज के गांवों तक अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंच रही हैं।

एआई आधारित निदान, टेलीमेडिसिन और रियल-टाइम निगरानी उपकरणों ने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती बनाया है, बल्कि चिकित्सा के मानकों को भी नई ऊंचाई दी है।

टीबी और मधुमेह के खिलाफ एआई बना ‘सुरक्षा कवच’

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, एआई-सक्षम उपकरणों के उपयोग से राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में क्रांतिकारी परिणाम दिखे हैं। एआई आधारित ‘डीप सीएक्सआर’ (डिजिटल एक्स-रे रीडिंग) तकनीक से टीबी के प्रतिकूल परिणामों में 27 प्रतिशत की कमी आई है।

इसी तरह, ‘मधुनेत्रएआई’ जैसे उपकरणों ने गैर-विशेषज्ञों को भी मधुमेह की सटीक स्क्रीनिंग करने में सक्षम बनाया है, जिससे अब तक हजारों मरीजों को अंधेपन से बचाया जा सका है।

स्मार्ट निगरानी और मातृ-शिशु देखभाल

निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के नवाचारों ने जमीनी स्तर पर बड़े बदलाव किए हैं। ‘निमोकेयर रक्षा’ जैसे वायरलेस वियरेबल उपकरणों के जरिए अब एक अकेली नर्स अस्पताल में 40-50 नवजात शिशुओं की सांसों और हृदय गति पर एक साथ नजर रख सकती है।

वही, ‘केयरएनएक्स’ जैसी पोर्टेबल किट के माध्यम से फ्रंटलाइन वर्कर गर्भवती महिलाओं की घर-घर जाकर हाई-रिस्क स्क्रीनिंग कर रहे हैं।

कुपोषण के खिलाफ एआई का ‘एटापल्ली मॉडल’

महाराष्ट्र के एटापल्ली जिले में एआई के सफल प्रयोग ने पोषण की निगरानी का नया रास्ता दिखाया है। यहां स्कूलों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए एआई मशीनें लगाई गई, जो 2,100 से अधिक डेटा पॉइंट्स का विश्लेषण करती हैं।

इस तकनीक ने वेंडर्स की जवाबदेही तय की और छात्रों के पोषण स्तर में सीधा सुधार दर्ज किया गया।

ग्लोबल साउथ का पहला एआई शिखर सम्मेलन

भारत की इस बढ़ती ताकत का प्रदर्शन 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली में होने वाले ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन 2026’ में होगा। ग्लोबल साउथ का यह पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन होगा, जहां वैश्विक नेता और विशेषज्ञ एआई-केंद्रित नीतियों और सार्वजनिक कल्याण के लिए इसके उपयोग पर मंथन करेंगे।

DISHA ROJHE

disharojhe007@gmail.com

I am a detail-oriented Content Writer with professional experience in digital and broadcast news media. I have worked with reputed platforms including News18, Live India, and 8PM News, where I contributed as a content writer, crafting engaging, informative, and audience-focused content.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.