नई दिल्ली | फिल्म जगत के जाने-माने निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट के लिए आज राहत की खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में दोनों को अंतरिम जमानत दे दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश पारित किया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी, 2026 को होगी।
दो महीने से जेल में थे बंद
विक्रम और श्वेतांबरी को पिछले साल 7 दिसंबर, 2025 को गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी ‘इंदिरा आईवीएफ’ के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया द्वारा उदयपुर में दर्ज कराई गई एक एफआईआर के आधार पर हुई थी। मुर्डिया ने आरोप लगाया था कि भट्ट दंपत्ति ने उनसे 30 करोड़ रुपये की ठगी की है। इससे पहले 31 जनवरी को राजस्थान हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

बायोपिक के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप
मामले के अनुसार, डॉ. अजय मुर्डिया ने अपनी दिवंगत पत्नी पर एक बायोपिक बनाने के लिए विक्रम भट्ट की कंपनी में निवेश किया था। आरोप है कि फिल्म निर्माण के दौरान फर्जी बिल और रसीदें दिखाकर निवेश की गई बड़ी राशि का गबन किया गया। बता दें कि यह फिल्म ‘तुमको मेरी कसम’ के नाम से पिछले साल रिलीज हुई थी, जिसमें अनुपम खेर और अदा शर्मा जैसे कलाकार थे, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी।
अन्य विवादों में भी घिरे हैं भट्ट
विक्रम भट्ट की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। डॉ. मुर्डिया के अलावा, पुणे के एक फिल्म प्रोफेशनल ने भी विक्रम और उनकी बेटी कृष्णा भट्ट पर 13.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए वर्सोवा पुलिस में मामला दर्ज कराया है।
क्या अब रिलीज होगी ‘हॉन्टेड 3डी’?
जेल में रहने के कारण विक्रम भट्ट की आने वाली फिल्म ‘हॉन्टेड 3डी: घोस्ट्स ऑफ द पास्ट’ की रिलीज लटक गई थी। पहले यह फिल्म नवंबर 2025 और फिर 6 फरवरी 2026 को रिलीज होनी थी, लेकिन कानूनी पचड़ों के कारण रिलीज नहीं हो पाई। अब जमानत मिलने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि महाअक्षय चक्रवर्ती स्टारर यह फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है।



