नई दिल्ली | भारत को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। आगामी 28 जनवरी 2026 को देश की राजधानी में ‘हेल्थ ऑफ इंडिया समिट 2026’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है।
“एआई के साथ एक स्वस्थ भारत का निर्माण” के मुख्य विषय पर आधारित यह समिट डेटा लीड्स और राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान के साझा प्रयासों का परिणाम है।
इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से देश की स्वास्थ्य प्रणालियों को अधिक समावेशी, सुदृढ़ और अंतिम छोर तक प्रभावी बनाना है।
सरकार ने माना ‘गेम चेंजर’
इस आयोजन की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इसे ‘इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026’ के आधिकारिक ‘प्री-समिट’ के रूप में मान्यता दी है।
यह कदम डिजिटल स्वास्थ्य और राष्ट्रीय एआई प्राथमिकताओं को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रमुख हस्तियों का संबोधन
डॉ. सुनील विलासराव गित्ते, निदेशक, एनआईएचएफडब्लू ने कहा, “यह समिट प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ विजन का प्रतिबिंब है। एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि जन स्वास्थ्य की सेवा प्रदायगी और बीमारियों की रोकथाम के लिए एक क्रांतिकारी साधन है।”
सैयद नजाकत, संस्थापक एवं सीईओ, डेटा लीड्स ने कहा, “भारत अब डिजिटल स्वास्थ्य के उस स्वर्ण युग में है जहां एआई मॉडल और विशाल जनसंख्या डेटा मिलकर काम करेंगे। यह मंच प्रयोगों से आगे बढ़कर एआई को जमीनी स्तर पर लागू करने की रणनीति देगा।”
क्यों खास है यह समिट?
समिट के इस चौथे संस्करण में सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के 60 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ता शामिल होंगे। चर्चा के केंद्र में निम्नलिखित विषय रहेंगे:
कैसे एआई के जरिए दूर-दराज के गांवों तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह पहुंचाई जा सके। डेटा के सटीक विश्लेषण से स्वास्थ्य परिणामों में सुधार और बेहतर सरकारी नीतियां बनाना। प्रयोगात्मक स्तर के एआई प्रोजेक्ट्स को बड़े पैमाने पर सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना के साथ जोड़ना।
यह आयोजन स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में लगे शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा, ताकि ‘स्वस्थ भारत’ की संकल्पना को साकार किया जा सके।



