नई दिल्ली। पुलवामा में 2020 में सीआरपीएफ जवानों पर हुए ग्रेनेड हमले में शामिल आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुजफ्फराबाद स्थित AIMS कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हमजा बुरहान उर्फ अर्जुमंद गुलजार डार जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था। भारत सरकार ने वर्ष 2022 में उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया था।
पाकिस्तान गया था हमजा
जांच एजेंसियों के मुताबिक हमजा कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था, जहां बाद में वह अल बद्र संगठन में शामिल हो गया। धीरे-धीरे वह संगठन का सक्रिय सदस्य और कमांडर बन गया। उस पर युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाने, भर्ती कराने और फंडिंग जुटाने के आरोप थे।
आतंकी बुरहान वानी का था करीबी
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए ग्रेनेड हमले सहित कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक हमजा बुरहान लंबे समय से पाकिस्तान और PoK में सक्रिय था। उसे आतंकी बुरहान वानी, अबू दुजाना, अबू कासिम और जाकिर मूसा का करीबी सहयोगी माना जाता था। बुरहान वानी जुलाई 2016 में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था, जबकि जाकिर मूसा मई 2019 में पुलवामा के त्राल इलाके में सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में ढेर हुआ था।



