त्योहारों पर घर जाना हुआ आसान

त्योहारों पर घर जाने की योजना बना रहे लोगों को भारतीय रेलवे ने बड़ी राहत दी ! दिवाली-छठ के लिए 2024 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

Share This Article:

नई दिल्ली: इस बार दिवाली-छठ पर घर कैसे जाएंगे? ट्रेन में तो अभी से ही पैर रखने की जगह नहीं है। त्योहारों का मौसम आते ही यह चिंता देश के उन करोड़ों लोगों को सताने लगती है जो पढ़ाई या नौकरी के लिए अपने घर से दूर बड़े शहरों में रहते हैं। कन्फर्म टिकट मिलना किसी लॉटरी जीतने जैसा हो जाता है और तत्काल टिकट के लिए तो मानो जंग लड़नी पड़ती है।

150 पूजा स्पेशल ट्रेनों का ऐलान

अगर आप भी त्योहारों पर अपने घर, अपने परिवार के पास जाने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए भारतीय रेलवे एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर लेकर आया है। यात्रियों की भारी भीड़ और लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए, रेलवे ने 150 पूजा स्पेशल ट्रेनों का ऐलान किया है, जो मिलकर 2024 से भी ज्यादा अतिरिक्त फेरे लगाएंगी। यह फैसला उन लाखों यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो हर साल कन्फर्म टिकट के लिए संघर्ष करते हैं।

21 सितंबर से 30 नवंबर तक दौड़ेंगी ट्रेन

भारतीय रेलवे के अनुसार, बिहार जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए ही 12000 से अधिक ट्रेनों को चलाने की योजना बनाई जा चुकी है। जिन ट्रेनों के संचालन की योजना बन चुकी है उनका नोटिफिकेशन भी अब जारी किया जाना प्रारंभ हो चुका है । 21 सितंबर से 30 नवंबर 2025 तक कुल 150 पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई है जिनके माध्यम से कुल 2024 अतिरिक्त फेरे (ट्रिप्स) सुनिश्चित किए जाएंगे।

भारतीय रेल द्वारा यह निर्णय त्यौहारों के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने और उन्हें अपने प्रियजनों के साथ उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। विशेष रूप से उत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के बड़े स्टेशनों से चलने वाली इन ट्रेनों से महानगरों और ग्रामीण इलाकों के बीच बेहतर संपर्क सुनिश्चित किया गया है।

पूजा स्पेशल इन ट्रेनों की श्रृंखला के तहत दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा सर्वाधिक 48 ट्रेनें चलाई जाएंगी, जो 684 ट्रिप्स पूरा करेंगी। इन ट्रेनों का संचालन मुख्यतः हैदराबाद, सिकंदराबाद और विजयवाड़ा जैसे प्रमुख स्टेशनों से किया जाएगा। पूर्व मध्य रेलवे ने 14 ट्रेनें अधिसूचित की हैं, जो पटना, गया, दरभंगा और मुज़फ़्फ़रपुर जैसे बिहार के प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेंगी और कुल 588 ट्रिप्स लगाएंगी। पूर्व रेलवे द्वारा कोलकाता, सियालदह, हावड़ा जैसे भीड़भाड़ वाले स्टेशनों से 24 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिनके मदद से 198 ट्रिप्स संचालित होंगी।

वहीं पश्चिम रेलवे ने मुंबई, सूरत, वडोदरा जैसे शहरों से 24 स्पेशल ट्रेनें घोषित की हैं जो 204 ट्रिप्स पूरी करेंगी। दक्षिण रेलवे द्वारा चेन्नै, कोयंबत्तूर, मदुरै जैसे स्टेशनों से 10 ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिनसे 66 ट्रिप्स होंगी। इसके अलावा पूर्व तट रेलवे से भुवनेश्वर, पुरी और सम्बलपुर, दक्षिण पूर्व रेलवे से रांची, टाटानगर, उत्तर मध्य रेलवे से प्रयागराज, कानपुर, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से बिलासपुर, रायपुर और पश्चिम मध्य रेलवे से भोपाल, कोटा जैसे स्टेशनों को जोड़ते हुए विशेष ट्रेनें संचालित की जाएंगी।

स्पेशल ट्रेनों की समय सारणी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट उपलब्ध है

स्पेशल ट्रेनों की सूची, समय सारणी, रूट और ठहराव की विस्तृत जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, IRCTC और नजदीकी रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध है। रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि वे इन विशेष ट्रेनों में यात्रा करने के लिए अग्रिम बुकिंग कराएं और अपने टिकट की पुष्टि सुनिश्चित करें। साथ ही यात्रियों से यह भी अनुरोध किया जाता है कि सफर के दौरान रेल मंत्रालय द्वारा जारी सुरक्षा और स्वच्छता से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करें।

स्पेशल ट्रेनों का संचालन भगवान भरोसे

ऐसा नहीं हैं की दुर्गापूजा से लेकर दिवाली और छठ के त्योहारों के समय स्पेशल ट्रेनों का संचालन पहले नहीं होता था। पर इस बात में भी सच्चाई है की साल 2014 में तात्कालिक रेल राज्य मंत्री रहते मनोज सिन्हा ने पूर्वांचल बिहार और झारखंड को लेकर रूचि दिखाकर विशेष ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी की थी, साथ ही पहली बार नई दिल्ली आनंद विहार जैसे स्टेशनो के बाहर होल्डिंग एरिया बनाये गए, वहां यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था से लेकर टिकट काउंटर टॉयलेट और पब्लिक इनफार्मेशन सिस्टम लगाई गई थी, जिसकी मोनोटरिंग मंत्री समेत तमाम आला अधिकरी की करते रहे जिससे सुविधाओं की गुणवता बनी रहे,

पर इसके बावजूद भी यात्रियों की पहली पसंद पुरानी पॉपुलर ट्रेन ही रही, वजह साफ थी विशेष ट्रेने भगवान भरोसे चलाना, घंटो देरी से चलना, बिना पेंट्री के चलना, पुराने डब्बे जिसमें एसी ठीक से काम नहीं करना जैसे शिकायतें आम है। इन सबके के बावजूद भी लोग जाने को तैयार हो जायेंगे पर इन ट्रेनों का संचालन भगवान भरोसे ना चलाकर समय सीमा के तहत चलाई जाए। साथ में मध्यवर्ग के यात्रियों को ध्यान में रखकर राजधानी शताब्दी वन्देभारत जैसे ट्रेनों का संचालन ज्यादा से ज्यादा किया जाए और इस वक्त संभव हो सके तो फ्रेट ट्रेनो के संचालन कम कर के यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दिया जाए, वैसे भी सोननगर से लेकर खुर्जा तक ईस्टर्न और साथ में वेस्टर्न डीएफसीसी का काम पूरा हो जाने की वजह से रेलवे अधिकारियो को ट्रैक की कमी का रोना नहीं रोना चाहिए।

दूसरी तरफ यही वजह हैं की बिहार चुनाव को ध्यान में देखते हुए 12 हजार विशेष ट्रेनों की घोषणा के बावजूद भी पूर्वी भारत की तरफ ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों में छठ दिवाली तक की टिकट अभी से रिग्रेट हो चुकी है। रेल मंत्री और उनके अधिकारीयों को पर आम यात्रियों को भरोसा दिलाने के लिए मीडिया बाइट अखबारों में विज्ञापन और सोशल मीडिया के ऊपर जाकर काम करना होगा। चुनौती बड़ी हैं पर देश के सबसे बड़े सार्वजनिक परिवहन सेवा भारतीय रेलवे से देश के एक बड़े हिस्से के लोग साल मे एक त्यौहार पर एक अदद यात्रा ओ भी किराया देकर सम्मान पूर्वक कर सके इसकी उम्मीद तो कर ही सकते है।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

https://x.com/DjSanjayrai

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.