गोंडल से हैदराबाद तक गूंजा ‘फिटनेस का डोज, आधा घंटा रोज’ का नारा

स्वस्थ भारत के संकल्प को सिद्धि तक ले जाने के लिए 'फिट इंडिया मूवमेंट' अब एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुका है। रविवार को 'फिट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल' के 57वें संस्करण ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक नागरिकों को एकजुट किया। इस अभियान के तहत देश भर में 2 लाख से अधिक स्थानों पर लगभग 22 लाख लोगों ने साइकिल चलाकर फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

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नई दिल्ली : स्वस्थ भारत के संकल्प को सिद्धि तक ले जाने के लिए ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ अब एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुका है। रविवार को ‘फिट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल’ के 57वें संस्करण ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक नागरिकों को एकजुट किया। इस अभियान के तहत देश भर में 2 लाख से अधिक स्थानों पर लगभग 22 लाख लोगों ने साइकिल चलाकर फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

गोंडल में डॉ. मनसुख मांडविया ने किया नेतृत्व

गुजरात के राजकोट जिले के गोंडल में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने स्वयं साइकिल चलाकर इस अभियान का नेतृत्व किया। नियमित रूप से साइकिल चलाने वाले डॉ. मांडविया ने कहा, “साइकिल चलाना न केवल स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा व्यायाम है, बल्कि यह कार्बन उत्सर्जन कम करने का भी एक प्रभावी जरिया है। विकसित भारत के निर्माण के लिए हर नागरिक का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है।”

हैदराबाद में सितारों का जमावड़ा

हैदराबाद के गाचीबावली स्टेडियम में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने 1,000 से अधिक प्रतिभागियों के साथ इस रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर खेल जगत की नामचीन हस्तियां भी मौजूद रहीं, जिनमें:

  • पुलेला गोपीचंद: बैडमिंटन दिग्गज और कोच।
  • ईशा सिंह: अर्जुन पुरस्कार विजेता निशानेबाज।
  • दीप्ति जीवनजी: पैरालिंपिक कांस्य पदक विजेता।

जी. किशन रेड्डी ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक जीवनशैली और तकनीक ने हमारे शारीरिक श्रम को कम कर दिया है, जिसे हमें सक्रिय रूप से अपनी दिनचर्या में वापस लाना होगा।

प्रधानमंत्री की परिकल्पना को मिल रहा विस्तार

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘फिटनेस की डोज, आधा घंटा रोज’ को धरातल पर उतार रही है। अभियान का उद्देश्य मोटापे से लड़ना और कम कार्बन उत्सर्जन वाली जीवनशैली को बढ़ावा देना है। 29 अगस्त, 2019 को शुरू हुआ यह मिशन अब हर रविवार को भारतीय शहरों के गली-चौराहों पर एक उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।

प्रमुख आकर्षण और संदेश:

  • सामुदायिक एकता: साइकिलिंग को केवल व्यायाम नहीं, बल्कि समुदायों को जोड़ने वाला माध्यम बताया गया।
  • स्वास्थ्य चुनौती: खान-पान में बदलाव और शारीरिक निष्क्रियता से होने वाली बीमारियों के प्रति सचेत किया गया।
  • पर्यावरण हितैषी: ईंधन की बचत और प्रदूषण मुक्त आवाजाही पर जोर दिया गया।

Samiksha Mishra

samiksha.mishra1222@gmail.com

मैं कॉपीराइटर हूँ, जिसे कंटेंट के ज़रिए कहानियाँ गढ़ने और ब्रांड्स की आवाज को मजबूती देने का तीन वर्षों का पेशेवर अनुभव है। शब्दों की सटीकता, रचनात्मकता और पाठकों से जुड़ाव, यही मेरी लेखनी की पहचान है।

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