कोलकाता: पूर्वी भारत की प्रमुख रेलवे इकाई Eastern Railway ने वित्त वर्ष 2025-26 में यात्रियों की सुरक्षा, आराम और बेहतर यात्रा अनुभव को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। इन प्रयासों के तहत रेल कोचों को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
- 16 ट्रेनों के 22 रेक को आईसीएफ (इंटीग्रल कोच फैक्ट्री) कोचों से एलएचबी (लिंके हॉफमैन बुश) कोचों में परिवर्तित किया गया है।
- एलएचबी कोच अपनी एंटी-टेलीस्कोपिक संरचना के कारण दुर्घटना की स्थिति में अधिक सुरक्षित माने जाते हैं।
- इन कोचों में अधिक आरामदायक सीटिंग, बेहतर सस्पेंशन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिल रहा है।
- उपनगरीय रेल सेवाओं के लिए एसी ईएमयू (एयर कंडीशन्ड इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) रेक की शुरुआत की गई है, जिससे गर्मी में भी यात्रियों को आरामदायक यात्रा मिल रही है।
इन सुधारों से पूर्व रेलवे की सेवाएं अधिक आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित बन रही हैं, जिससे लाखों यात्रियों को प्रतिदिन लाभ मिल रहा है। साथ ही उत्पादन, रखरखाव और आधुनिकीकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए नए मानक स्थापित किए हैं। लिलुआ, कांचरापाड़ा और जमालपुर स्थित कारखानों ने न सिर्फ अपने वार्षिक लक्ष्य पूरे किए, बल्कि उन्हें पार करते हुए रेलवे संचालन को और अधिक मजबूत बनाया है।
लिलुआ कारखाना: कोच ओवरहॉलिंग में शानदार प्रदर्शन
लिलुआ कारखाने ने ICF और LHB कोचों की आवधिक ओवरहॉलिंग (POH) में उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
वार्षिक लक्ष्य 1860 कोचों के मुकाबले 2020 कोचों का सफल रखरखाव किया गया। इससे ट्रेनों की सुरक्षा और संचालन क्षमता में सुधार हुआ है।
कांचरापाड़ा कारखाना: हर क्षेत्र में लक्ष्य से आगे
कांचरापाड़ा कारखाने ने कई श्रेणियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया:
- इलेक्ट्रिक इंजन ओवरहॉलिंग: लक्ष्य 77, उपलब्धि 81
- ICF कोच ओवरहॉलिंग: लक्ष्य 420, उपलब्धि 431
- EMU/MEMU कोच ओवरहॉलिंग: लक्ष्य 1892, उपलब्धि 1902
इस उपलब्धि से उपनगरीय रेल सेवाओं की विश्वसनीयता और मजबूती में बड़ा सुधार हुआ है।
जमालपुर कारखाना: भारी निर्माण में बड़ी उपलब्धि
जमालपुर कारखाने ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए:
- 140 टन क्षमता वाले 12 क्रेन का निर्माण
- नए प्रकार के वैगनों का निर्माण और सफल प्रेषण
- मालगाड़ियों के दो पूर्ण रेक का निर्माण
यह उपलब्धियां माल परिवहन क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होंगी।
यात्री सुविधाओं और आधुनिक रेल प्रणाली में सुधार
पूर्व रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और आराम को ध्यान में रखते हुए कई बड़े कदम उठाए हैं:
- 16 ट्रेनों के 22 रेक को ICF से LHB में बदला गया
- नई तकनीक वाले आधुनिक और सुरक्षित कोचों का विस्तार
- उपनगरीय सेवाओं के लिए AC EMU रेक की शुरुआत
इन प्रयासों से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और तेज यात्रा अनुभव मिल रहा है।
आधुनिकीकरण की ओर मजबूत कदम
पूर्व रेलवे लगातार आधुनिक तकनीक को अपनाकर अपनी सेवाओं को बेहतर बना रहा है। Vande Bharat Express जैसी आधुनिक ट्रेनों के रखरखाव और संचालन क्षमता को भी और मजबूत किया जा रहा है।
रेलवे प्रशासन की सराहना
महाप्रबंधक Milind Deouskar ने सभी कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह प्रदर्शन रेलवे की कार्यकुशलता, समर्पण और आधुनिक सोच का प्रतीक है। पूर्व रेलवे के कारखानों की यह उपलब्धि न केवल उत्पादन क्षमता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारतीय रेलवे आधुनिकता, सुरक्षा और यात्री सुविधा की दिशा में लगातार मजबूत कदम बढ़ा रहा है।



