नई दिल्ली | दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में ‘स्माइल’ योजना की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक में उन स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यों का आकलन किया गया जिन्हें भिक्षावृत्ति में संलग्न लोगों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पुनर्वास के साथ ‘सम्मानजनक जीवन’ पर जोर
बैठक के दौरान विभिन्न संस्थाओं ने अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली की सड़कों पर सर्वेक्षण कर सैकड़ों लोगों की पहचान की गई है। इन लोगों को न केवल शेल्टर होम में स्थान दिलाया गया, बल्कि उन्हें आधार कार्ड, बैंक खाते, बीमा योजनाओं और राशन कार्ड जैसी सरकारी सुविधाओं से भी जोड़ा गया है।
प्रमुख उपलब्धियां:
- कौशल विकास: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- शिक्षा: बच्चों का स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में दाखिला सुनिश्चित किया गया।
- आजीविका: वेंडर पंजीकरण और छोटे स्वरोजगार के माध्यम से कई लोगों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर सख्त निर्देश
मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने एनजीओ को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सरकार द्वारा दिए जा रहे संसाधनों के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जमीनी स्तर पर कार्यों का अचानक निरीक्षण और नियमित सत्यापन करें। उन्होंने कहा, “हम केवल कागजी रिपोर्ट नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहते हैं। जो संस्थाएं अच्छा काम करेंगी, उन्हें सम्मानित किया जाएगा।”
देश की छवि और ट्रांसजेंडर समुदाय का कल्याण
मंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि भिक्षावृत्ति देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी प्रभावित करती है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार आने वाले समय में ट्रांसजेंडर समुदाय के पुनर्वास और उनके सम्मानजनक जीवन के लिए विशेष योजनाएं लाएगी। बैठक के अंत में पुनर्वासित बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स मंत्री को भेंट की गईं, जो इस योजना की सफलता का प्रतीक हैं।



