फॉरेंसिक की छात्रा कैसे बनी ‘किलर गर्ल’, पढ़ें पूरी कहानी

दिल्ली के तिमारपुर में आईएएस बनने का सपना देख रहे रामकेश मीणा की रहस्यमयी मौत ने सबको झकझोर दिया। फॉरेंसिक साइंस की छात्रा अमृता चौहान ने अपने ज्ञान का इस्तेमाल हत्या छिपाने में किया। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और पुलिस की जांच ने खोला ऐसा सनसनीखेज राज जिसने दिल्ली को हिला दिया। पढ़ें पूरी कहानी, कैसे बनी फॉरेंसिक की छात्रा ‘किलर गर्ल’।

Share This Article:

नई दिल्ली: दिल्ली के तिमारपुर इलाके में रहने वाले 27 वर्षीय रामकेश मीणा का सपना था, आईएएस बनकर देश की सेवा करना। राजस्थान के एक छोटे से कस्बे से निकले इस होनहार छात्र की दिनचर्या रोज सुबह मां से फोन पर बात करने से शुरू होती थी। लेकिन 5 अक्टूबर की रात, उसकी किताबें जल गईं, सपने राख हो गए और एक प्रतिभाशाली जिंदगी हमेशा के लिए खामोश हो गई।

रात जो कभी सुबह तक नहीं पहुंची

उस रात गांधी विहार के चौथी मंजिल वाले फ्लैट में कुछ ऐसा हुआ, जिसने न सिर्फ दिल्ली बल्कि हर उस मां का दिल तोड़ दिया, जिसने अपने बेटे को बड़े सपने देकर शहर भेजा था। रामकेश की लाश उसके ही कमरे में जली हुई मिली। पास में बिखरी थीं उसकी किताबें, कुछ अधूरे नोट्स और एक टूटी कलम।

फॉरेंसिक की पढ़ाई को बना दिया मौत का हथियार

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश रचने वाली कोई आम लड़की नहीं, बल्कि फॉरेंसिक साइंस की छात्रा अमृता चौहान थी। उसने अपनी पढ़ाई का हर तिगड़म अपराध छिपाने में इस्तेमाल किया। कई क्राइम वेब सीरीज देखकर उसने मौत का ऐसा ताना-बाना बुना कि एक बार तो पुलिस भी गच्चा खा गई। जांच में सामने आया कि अमृता ने अपने साथी सुमित के साथ मिलकर साढ़े छह घंटे तक शव ठिकाने लगाने की कोशिश की।

पहले रामकेश को मारा गया, फिर उसे सोते हुए की मुद्रा में लिटाया गया। किताबों से चिता बनाई गई, शराब और रिफाइंड ऑयल डाला गया और गैस सिलिंडर को सिर के पास रखकर ब्लास्ट की साजिश रची गई। दरवाजे की कुंडी अंदर से बंद कर दी गई ताकि यह लगे कि सब कुछ हादसे में हुआ है।

बाद में दोनों ने अपने चेहरे ढके और रात करीब 2:57 बजे फ्लैट से निकल गए। इनके जाने के कुछ ही देर बाद रामकेश का फ्लैट धू-धू कर जलने लगा और एलपीजी सिलिंडर में विस्फोट हो गया। हादसे में रामकेश के शव के परखच्चे उड़ गए।

पुलिस की जांच और फॉरेंसिक टीम का शक

दमकल और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के बाद अंदर रामकेश का बुरी तरह जला हुआ शव मिला। शुरुआती जांच में पुलिस को लगा कि यह हादसा आग लगने की वजह से हुआ है। लेकिन जब क्राइम टीम और एफएसएल ने मौके की जांच की, तो कई सवाल खड़े हो गए।

फॉरेंसिक टीम को फटा हुआ सिलिंडर संदिग्ध लगा। रामकेश के परिजनों ने भी हादसे पर शक जाहिर किया। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली। जांच में सामने आया कि 5 अक्टूबर की रात 8:30 बजे दो युवक रामकेश के फ्लैट में गए थे। करीब 39 मिनट बाद एक युवक मुंह ढके हुए बाहर भागता हुआ दिखा। रात 2:57 बजे फुटेज में दो लोग फिर मुंह ढककर बाहर निकलते नजर आए, इनमें एक अमृता लग रही थी।

पुलिस ने अमृता के मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की, तो पता चला कि वह घटना के समय फ्लैट में ही थी। इसी आधार पर पुलिस का शक गहरा गया।

छापेमारी के बाद अमृता की गिरफ्तारी

शक के बाद पुलिस ने अमृता के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई, जो लगातार बंद आ रहा था। इंस्पेक्टर पंकज तोमर की टीम ने उसकी तलाश शुरू की। मुरादाबाद के पीतल नगरी में उसके घर और रिश्तेदारों के यहां छापेमारी की गई।
जांच में पता चला कि अमृता दिल्ली के छतरपुर में छिपी है, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले वह वहां से निकल गई।

आखिरकार, 18 अक्टूबर को पुलिस ने अमृता को मुरादाबाद से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ। इसके बाद 21 अक्टूबर को सुमित कश्यप और 23 अक्टूबर को संदीप कुमार को भी मुरादाबाद से ही पकड़ा गया। तीनों को दो-दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया और बाद में अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।

रामकेश की शर्ट पहनकर निकली थी अमृता

रामकेश और अमृता की मुलाकात मई 2025 में हुई थी। दोनों की बातचीत जल्द ही प्यार में बदल गई और अमृता ने रामकेश के साथ लिव-इन में रहना शुरू कर दिया। रामकेश ने अमृता के साथ कुछ अंतरंग वीडियो और फोटो रिकॉर्ड कर रखे थे। जब अमृता को इसकी जानकारी हुई तो उसने उन फाइलों को डिलीट करने के लिए कहा, लेकिन रामकेश टालता रहा। यह बात अमृता को हजम नहीं हुई।

अमृता-सुमित ने रजी हत्या की साजिश

अमृता ने यह बात अपने पूर्व प्रेमी सुमित को बताई और दोनों ने हत्या की साजिश रच डाली। सुमित अपने दोस्त संदीप को बिना सच्चाई बताए दिल्ली ले आया। वारदात के समय अमृता पहले से फ्लैट में मौजूद थी। रात 8:30 बजे सुमित और संदीप वहां पहुंचे। दोनों ने मिलकर रामकेश की पिटाई की और गला घोंटकर हत्या कर दी। संदीप हत्या के 39 मिनट बाद वहां से निकल गया। इसके बाद अमृता और सुमित ने फ्लैट की तलाशी ली, हार्ड डिस्क और दोनों लैपटॉप ले लिए। अमृता ने अपने कपड़े ट्रॉली बैग में भरे और दोनों वहां से फरार हो गए।

मृतक और आरोपियों के प्रोफाइल

  • मृतक: रामकेश मीणा, मूल रूप से राजस्थान निवासी। परिवार में माता-पिता और एक भाई हैं। उसने द्वारका के एक नामी कॉलेज से बीटेक किया था और तिमारपुर के गांधी विहार में चौथी मंजिल के फ्लैट में किराए पर रह रहा था।
  • मुख्य आरोपी: अमृता चौहान, मूल रूप से मुरादाबाद की पीतल नगरी की रहने वाली है। उसने दिल्ली के एक कॉलेज से बीएससी फॉरेंसिक साइंस किया है और वर्तमान में बीएससी कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया हुआ है।
  • सह-आरोपी: सुमित कश्यप, अमृता का पूर्व प्रेमी, वाल्मीकि बस्ती (बंगला गांव, नागफनी, मुरादाबाद) का निवासी है। मुरादाबाद में एलपीजी गैस वितरक का काम करता है।
  • तीसरा आरोपी: संदीप कुमार, सुमित का दोस्त, वही का निवासी। ग्रेजुएशन के बाद एसएससी और सीजीएल की तैयारी कर रहा है। संदीप का कहना है कि उसे केवल हार्ड डिस्क बरामद करने की बात कही गई थी, उसे हत्या की जानकारी नहीं थी।

Sandeep Kumar

sandeepx4a@gmail.com

संदीप कुमार एक अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार जगत में 14 साल से ज्यादा काम किया है। इन्हें गहन शोध, सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ETV Bharat, Hyderabad में साढ़े पाँच वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक कई अहम खबरों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने Network 10, TOTAL News, MH1 समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी पत्रकारिता का कौशल साबित किया। राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। इस समय newG india में कार्यरत हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.