नई दिल्ली। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऑटोमोबाइल लोडिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लोडिंग में 32 प्रतिशत और राजस्व में 36.47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। नए टर्मिनलों के शुरू होने से रेलवे को फरवरी 2026 तक 324.10 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
ऑटोमोबाइल परिवहन में रेलवे की बढ़ती भूमिका
भारत की ऑटोमोबाइल उद्योग, जो उत्पादन के मामले में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी उद्योग है, बेहतर लॉजिस्टिक्स के लिए बड़े पैमाने पर रेलवे पर निर्भर करती है। प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी हरियाणा के गुरुग्राम, मानेसर और खरखौदा में अपने विनिर्माण संयंत्र संचालित करती है। इन संयंत्रों से तैयार वाहनों को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने में रेलवे एक महत्वपूर्ण परिवहन भागीदार की भूमिका निभा रहा है।
दिल्ली मंडल वर्तमान में फर्रुखनगर, गुड़गांव, पटली, मानेसर और राजलूगढ़ी से ऑटोमोबाइल लोडिंग का कार्य संभाल रहा है, जबकि बल्लभगढ़ टर्मिनल से जेसीबी और ट्रैक्टर भी लोड किए जा रहे हैं।
लोडिंग बढ़ाने के लिए नई पहल
ऑटोमोबाइल लोडिंग को बढ़ावा देने के लिए इस वित्तीय वर्ष में कई महत्वपूर्ण पहल की गईं। मानेसर टर्मिनल (एमएसजीएम जीसीटी) का उद्घाटन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 17 जून 2025 को किया था। उसी दिन यहां से पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई। फरवरी 2026 तक इस टर्मिनल से 611 रेक लोड किए जा चुके हैं।
राजलूगढ़ी टर्मिनल (पीसीआरजी/आरयूजी) से 25 जुलाई 2025 को ऑटोमोबाइल लोडिंग शुरू हुई, जब पहला रेक एनडीवी के लिए रवाना किया गया। फरवरी 2026 तक यहां से 13 रेक लोड किए जा चुके हैं। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के लिए भी 1 अक्टूबर 2025 से वाहनों की लोडिंग शुरू की गई, जिससे घाटी तक वाहनों के परिवहन की सुविधा उपलब्ध हो गई है।
रिकॉर्ड उपलब्धियां
मानेसर और राजलूगढ़ी टर्मिनलों के जुड़ने से दिल्ली मंडल ने ऑटोमोबाइल लोडिंग में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
एक महीने में सर्वश्रेष्ठ ऑटोमोबाइल लोडिंग
- अक्टूबर 2025 में 237 रेक के साथ अब तक का सर्वोच्च रिकॉर्ड
- फरवरी 2026 में 234 रेक के साथ दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
एक दिन में सर्वश्रेष्ठ ऑटोमोबाइल लोडिंग
- 14 नवंबर 2025 को 13 रेक और 360 वैगन के साथ सर्वश्रेष्ठ
- 7 अक्टूबर 2025 को 12 रेक और 320 वैगन के साथ दूसरा सर्वश्रेष्ठ
लोडिंग और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि
इन पहलों के परिणामस्वरूप अप्रैल से फरवरी 2025-26 के दौरान ऑटोमोबाइल लोडिंग 1639 रेक से बढ़कर 2170 रेक हो गई, जो 32 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इसी अवधि में राजस्व बढ़कर 324.10 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में प्राप्त 237.48 करोड़ रुपये की तुलना में 36.47 प्रतिशत अधिक है।
पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था
रेल मार्ग से वाहनों का परिवहन पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और किफायती माना जाता है। इससे राजमार्गों पर भीड़ कम होती है और देशभर में बड़े पैमाने पर वाहनों का सुगम परिवहन सुनिश्चित होता है। उत्तर रेलवे की इस पहल से ऑटोमोबाइल उद्योग के साथ रेलवे की साझेदारी और मजबूत होने तथा आने वाले वर्षों में माल ढुलाई और राजस्व में और वृद्धि होने की उम्मीद है।



