DAY-NRLM: ग्रामीण महिलाओं की ताकत, गरीबी पर प्रहार

दीनदयाल अंत्योदय योजना-एनआरएलएम ने ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के जरिए सशक्त बनाया, जिससे 10 करोड़ परिवारों को वित्तीय सहायता और आजीविका के अवसर मिले। कौशल विकास और उद्यमिता से लाखों युवाओं को रोजगार देकर यह गरीबी उन्मूलन की मजबूत कड़ी बनी।

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नई दिल्ली: ग्रामीण भारत की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का सपना साकार कर रही दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) गरीबी के खिलाफ एक सशक्त हथियार साबित हो रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत चलने वाली यह योजना गरीब परिवारों को स्वरोजगार और मजदूरी के बेहतर अवसर देती है, ताकि वे स्थायी आय स्रोत बना सकें। स्वयं सहायता समूहों (SHG) के जरिए संगठित होकर ये परिवार वित्तीय सेवाओं और बाजार तक पहुंच हासिल कर रहे हैं।

सफलता की प्रेरक कहानी

मेघालय की हीनीदमांकी कनाई की जिंदगी इस योजना का जीता-जागता उदाहरण है। 2020 में SHG से जुड़ने के बाद उन्होंने प्राकृतिक सामग्रियों से साबुन बनाने का सफर शुरू किया। NRLM की मदद से बैंक से 1.8 लाख का ऋण मिला, जिससे मशीनें और क्वालिटी चेक खरीदे। आज उनकी सालाना कमाई एक लाख से ऊपर है। न सिर्फ खुद सफल हुईं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी ट्रेनिंग देकर उद्यमिता की मशाल जला रही हैं। ऐसी हजारों कहानियां योजना की ताकत बयां करती हैं।

योजना का सफर और मुख्य घटक

2010 में SGSY को नया रूप देकर शुरू हुई NRLM को 2016 में DAY-NRLM नाम मिला। केंद्र-राज्य साझेदारी से चलने वाली यह दुनिया की सबसे बड़ी गरीबी हटाओ पहल है। चार स्तंभों पर टिकी यह योजना है, महिलाओं के सामुदायिक संस्थानों को मजबूत बनाना, वित्तीय समावेशन, स्थायी आजीविका विकल्प और सामाजिक विकास पर कार्य करती है। SHG महिलाओं को ऋण, तकनीकी सहायता और बाजार लिंकेज देती हैं, जिससे घरेलू हिंसा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर जागरूकता फैलती है।

महिला सशक्तिकरण की नई ऊंचाइयां

महिलाओं को केंद्र में रखकर DAY-NRLM ने 10.05 करोड़ परिवारों को 90.9 लाख SHG में जोड़ा। 4.62 करोड़ महिला किसानों को कृषि और पशुपालन में मदद मिली, जबकि 3.74 लाख उद्यमों को सपोर्ट दिया गया। 11 लाख करोड़ से ज्यादा का कोलेटरल-फ्री ऋण वितरित हुआ, जिसकी रिकवरी रेट 98% है। बैंक सखियां (47,952) और कृषि-पशु सखियां (3.5 लाख) ब्रिज रोल निभा रही हैं। 6 हजार कृषि क्लस्टर और 1.95 लाख उत्पादक समूहों से 50 लाख महिलाओं को फायदा पहुंचा है।

कौशल विकास से रोजगार की गारंटी

योजना के तहत DDU-GKY ने 17.5 लाख युवाओं को ट्रेनिंग दी, जिनमें 11.48 लाख को जॉब मिली। RSETI ने 56.69 लाख को उद्यमिता सिखाई, 40.99 लाख को स्थापित किया। उत्तर प्रदेश, ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य आगे हैं।

टॉप परफॉर्मिंग राज्य

SHG संख्या में बिहार, यूपी और आंध्र प्रदेश लीडर हैं। पूंजीकरण में यूपी-बिहार, ऋण में आंध्र प्रदेश। कृषि में महाराष्ट्र (12.97 लाख महिलाएं), SVEP में असम (9,557 उद्यम) है।

उन्नत ट्रेनिंग और बाजार पहुंच

सरस मेले (सितंबर 2025, दिल्ली) विपणन कौशल सिखाते हैं। NIRD&PR ने 44 प्रोग्राम चलाए। ये कदम SHG महिलाओं को ग्लोबल मार्केट से जोड़ते हैं।

समावेशी विकास की कुंजी

DAY-NRLM ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदला, आय विविधता लाई और महिलाओं को लीडर बनाया। निगरानी, पारदर्शिता और एकीकरण से यह गरीबी मुक्त भारत का सपना साकार कर रही है।

Sakshi Pal

sakshipal8700@gmail.com

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