लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित ‘जनता दर्शन’ के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए फरियादियों से सीधा संवाद किया।
इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसेवा कोई उपकार नहीं, बल्कि सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए ताकि पीड़ित को वास्तविक न्याय मिल सके।

हर जरूरतमंद को योजनाओं का लाभ
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सेवा के लिए सरकार पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने बल देकर कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर उचित समस्या का समाधान समय-सीमा के अंदर सुनिश्चित किया जाए।
दीप्ति की व्यथा पर सीएम की संवेदनशीलता
जनता दर्शन का एक भावुक क्षण तब देखने को मिला जब बरेली की रहने वाली दीप्ति ने अपनी आर्थिक तंगहाली की दास्तां मुख्यमंत्री को सुनाई। किराए के मकान में रहकर ठेला चलाने वाली दीप्ति ने बच्चों के पालन-पोषण में आ रही दिक्कतों का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए बरेली के जिलाधिकारी को फोन कर महिला को ‘पीएम स्वनिधि योजना’ का लाभ दिलाने और स्थानीय स्तर पर हर संभव मदद के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के इस त्वरित निर्णय से भावुक होकर दीप्ति ने उन्हें ढेर सारी दुआएं दी।
आवास और शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा
कार्यक्रम के दौरान कई लोगों ने मुख्यमंत्री से आवास की मांग की। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि पात्र पाए जाने पर हर व्यक्ति को ‘प्रधानमंत्री’ या ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ का लाभ दिया जाएगा।
इसके साथ ही, बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित अभिभावकों को राहत देते हुए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा नहीं रुकनी चाहिए। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से वार्ता कर बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
अवैध कब्जे और पुलिसिया लापरवाही पर सख्त तेवर
मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जे और पुलिस से संबंधित शिकायतों पर कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भू-माफियाओं और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, पुलिस से जुड़े मामलों में स्थानीय प्रशासन को पीड़ितों को संतुष्ट करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने को कहा।
स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों पर उन्होंने अधिकारियों से कहा कि “आप मरीज की चिंता करें, इलाज के खर्च की चिंता सरकार करेगी,” और तत्काल एस्टिमेट बनवाकर भेजने का आदेश दिया।



