देश के अधिकांश शहरों में साफ हवा, किशनगंज में प्रदूषण की मार

देश के 55% से अधिक शहरों में हवा साफ रही, जबकि किशनगंज में वायु गुणवत्ता सूचकांक 184 पहुंचकर सबसे प्रदूषित रहा। शिलांग में सबसे साफ हवा दर्ज की गई।

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नई दिल्ली: 3 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, देश के 55.5% शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहतर (AQI 0-50) रही। पिछले दिन की तुलना में साफ हवा वाले शहरों की संख्या में 10% की वृद्धि हुई, जो एक सकारात्मक संकेत है। इसके विपरीत, 41.3% शहरों में हवा संतोषजनक (AQI 51-100) और केवल 3.2% शहरों में मध्यम (AQI 101-200) श्रेणी में रही। यह दर्शाता है कि देश के अधिकांश हिस्सों में सांस लेने के लिए हवा अनुकूल रही।

किशनगंज में प्रदूषण का कहर

किशनगंज में वायु गुणवत्ता सबसे खराब रही, जहां AQI 184 दर्ज किया गया। यह स्तर मध्यम श्रेणी में आता है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से 1,127% अधिक है। यहां PM2.5 कणों का प्रदूषण प्रमुख रहा, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। पिछले दिन की तुलना में किशनगंज में AQI 87 से बढ़कर 184 हो गया, यानी 97 अंकों का उछाल। यह स्थिति स्थानीय लोगों के लिए चिंताजनक है।

शिलांग की हवा सबसे स्वच्छ

शिलांग में हवा की गुणवत्ता सबसे बेहतर रही, जहां AQI मात्र 5 दर्ज किया गया। किशनगंज की तुलना में शिलांग की हवा 35 गुना साफ थी। यह शहर लगातार देश में सबसे स्वच्छ हवा वाले स्थानों में शुमार रहा है।

दिल्ली और अन्य शहरों में सुधार

दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में कमी देखी गई, जहां AQI 35 अंकों की गिरावट के साथ 88 पर पहुंचा, जो संतोषजनक श्रेणी में है। पिछले दिन रोहतक में AQI 176 था, जो 94 अंकों के सुधार के साथ 82 पर आ गया। फरीदाबाद में AQI 108 रहा, जो इसे देश के तीसरे सबसे प्रदूषित शहरों में रखता है। हनुमानगढ़ (AQI 117) दूसरे और एलूर (AQI 104) चौथे स्थान पर रहे। ग्रेटर नोएडा और श्रीगंगानगर (दोनों AQI 104) भी शीर्ष प्रदूषित शहरों में शामिल हैं।

प्रदूषण के कारण और प्रभाव

किशनगंज में PM2.5 कणों का उच्च स्तर स्वास्थ्य के लिए खतरा बना हुआ है, जबकि हनुमानगढ़, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा जैसे शहरों में PM10 कणों का प्रभाव देखा गया। ये कण फेफड़ों और हृदय के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसके विपरीत, 122 शहरों में हवा बेहतर रही, जिनमें शिलांग, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, इंदौर, मुंबई और पुणे जैसे शहर शामिल हैं। संतोषजनक हवा वाले 91 शहरों में देहरादून, जयपुर और लखनऊ जैसे शहर शामिल रहे, हालांकि इनकी संख्या में 7% की कमी आई।

प्रमुख शहरों का हाल

मुंबई में AQI 43, ग्वालियर में 50, गाजियाबाद में 80, गुरुग्राम में 88, नोएडा में 78, लखनऊ में 70, चेन्नई में 66 और पटना में 48 दर्ज किया गया। ये सभी शहर बेहतर या संतोषजनक श्रेणी में रहे। पिछले कुछ महीनों में दिल्ली की हवा जून-जुलाई में संतोषजनक रही, लेकिन जनवरी-मार्च और नवंबर-दिसंबर 2024 में कई बार गंभीर स्तर तक पहुंची, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया था।

वायु गुणवत्ता सूचकांक का मतलब

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) हवा में प्रदूषण के स्तर को दर्शाता है। AQI 0-50 बेहतर, 51-100 संतोषजनक, 101-200 मध्यम, 201-300 खराब, 301-400 बेहद खराब और 401-500 गंभीर श्रेणी में आता है। गंभीर स्तर पर हवा स्वस्थ लोगों के लिए भी हानिकारक हो सकती है और बीमार लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

साफ हवा वाले शहरों की सूची

देश के 122 शहरों में हवा बेहतर रही, जिनमें शामिल हैं: अगरतला, अहमदनगर, अलवर, अमरावती, भुवनेश्वर, बिलासपुर, चामराजनगर, छपरा, कटक, दावनगेरे, गंगटोक, गुवाहाटी, इंदौर, जबलपुर, जोधपुर, कल्याण, कानपुर, कोलकाता, मुंबई, नागपुर, पुणे, सूरत और वाराणसी। संतोषजनक हवा वाले शहरों में देहरादून, जयपुर, लखनऊ और पटना शामिल हैं।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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