नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा 4 अक्टूबर को शुरू किया गया सेम डे चैक क्लीयरिंग सिस्टम अब आम लोगो के लिए भारी परेशानी का विषय बन गया हैं। इस नए सिस्टम से सेम डे क्लीयरिंग की जगह चेक को क्लियर होने में 10 से 12 दिन लग रहे हैं। कारोबारी संगठन चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अनुसार, बैंकों में चेक क्लीयरिंग सिस्टम पूरी तरह से चरमरा गया है, कई मामलों में तो 15 दिनों तक भी चेक क्लियर नहीं हो रहे हैं।
CTI ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दिवाली जैसे व्यस्त कारोबारी समय में बैंकिंग व्यवस्था के इस हाल ने व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं दोनों को मुश्किल में डाल दिया है। गोयल ने बताया कि RBI की घोषणा के बाद व्यापारियों ने एक दिन में चैक क्लीयरिंग की सुविधा का स्वागत किया था, लेकिन अब हालत यह है कि बैंकों से सिर्फ एक ही जवाब मिलता है कि ‘टेक्निकल ग्लीच’ है। कई जगह बैंक चेक लेने से ही मना कर रहे हैं जिससे परेशानी और बढ़ गई हैं।
RBI ने किया था नया सिस्टम लागू
4 अक्टूबर को RBI ने घोषणा की थी कि देशभर में ‘सेम डे चैक क्लीयरिंग सिस्टम’ लागू होगा, जिससे व्यापारिक लेनदेन में तेजी आएगी। लेकिन CTI का कहना है कि नई व्यवस्था शुरू होते ही बैंकिंग सिस्टम तकनीकी दिक्कतों से जूझ रहा है। कई बैंकों के स्टाफ को अब तक नए सिस्टम की पूरी ट्रेनिंग नहीं मिली है, जिसके कारण चैक प्रोसेसिंग में बड़ी देरी हो रही है।
व्यापारियों की पेमेंट अटकी, ऑर्डर हो रहे कैंसिल
दिवाली के ऐन मौके पर सबसे ज़्यादा असर व्यापारियों पर पड़ा है। चैक क्लियर न होने के कारण पेमेंट रुकी पड़ी है जिसके चलते ऑर्डर कैंसिल होने की नौबत तक आ गई है। CTI ने कहा कि ‘कई व्यापारी समय पर भुगतान न होने के कारण अपने सप्लायरों से विवाद में फंस गए हैं। बैंक स्टाफ लोगों को सलाह दे रहा है कि फिलहाल चैक जमा न करें और NEFT या RTGS से भुगतान करें।‘
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ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम में भी आ रही हैं दिक्कते
CTI की रिपोर्ट के अनुसार, केवल चैक क्लियरेंस ही नहीं बल्कि कुछ बैंकों में NEFT और UPI पेमेंट्स भी प्रभावित हो रहे हैं। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि उनकी ऑनलाइन पेमेंट ऐप्स अपडेट हो रही हैं, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
त्योहारी सीजन में लेनदेन पर पड़ा असर
त्योहारों के इस व्यस्त मौसम में जब कारोबार अपने चरम पर होता है, बैंकों की इस गड़बड़ी ने बाजार की रफ्तार को धीमा कर दिया है। लोगों के हाथ में पैसा न आने के कारण खरीददारी पर भी असर पड़ रहा है। व्यापारिक संगठनों ने RBI से जल्द स्थिति सामान्य करने और सेम डे क्लीयरिंग सिस्टम को स्थिर करने की अपील की है।



