देहरादून: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का आज अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर विधिवत शुभारंभ हो गया है। शुक्रवार को दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री धाम और 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
पीएम मोदी के नाम से संपन्न की गई पूजा
कपाट खुलने के दौरान पूरा वातावरण ‘जय मां गंगे’ और ‘जय मां यमुना’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। परंपरा के अनुसार, दोनों धामों में पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई, जिसमें लोक कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की गई।
सीएम धामी ने श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं
मंदिरों के कपाट खुलने से पहले मां गंगा और मां यमुना की डोली को उनके शीतकालीन प्रवासों से पूरे सैन्य बैंड और स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ लाया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस शुभ अवसर पर प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सरकार तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब आने वाले कुछ दिनों में केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खोल दिए जाएंगे, जिससे यात्रा अपने पूर्ण स्वरूप में आ जाएगी।
8 लाख से ज्यादा लोगों का पंजीकरण
चारधाम यात्रा को लेकर इस बार श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 18 लाख से ज्यादा लोग यात्रा के लिए अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को सुरक्षित दर्शन कराने के लिए टोकन सिस्टम और पुख्ता इंतजाम किए हैं। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रियों को सांस लेने में होने वाली दिक्कतों को देखते हुए जगह-जगह ऑक्सीजन बूथ और चिकित्सा कैंप भी स्थापित किए हैं।
परिवहन और आवास के इंतजाम अपग्रेड
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए इस साल परिवहन और आवास के इंतजामों को भी अपग्रेड किया गया है। ऋषिकेश और हरिद्वार से चलने वाली बसों की संख्या बढ़ा दी गई है और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से यात्री लगातार अपनी सुविधाओं की बुकिंग कर रहे हैं। चारधाम यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ भी मानी जाती है। कपाट खुलने के साथ ही अगले छह महीनों के लिए पर्यटन और स्थानीय कारोबार में बड़ी तेजी आने की उम्मीद है।



