राजस्थान के एनसीआर जिलों के लिए CAQM का ‘क्लीन एयर’ एक्शन प्लान

एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा की अध्यक्षता में राजस्थान सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

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जयपुर: एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा की अध्यक्षता में राजस्थान सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य एजेंडा राजस्थान के एनसीआर जिलों में वायु प्रदूषण के स्रोतों—वाहनों का धुआं, धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और ठोस अपशिष्ट—पर लगाम लगाना था।

1. प्रदूषण कम करने के कड़े लक्ष्य

आयोग ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि संशोधित नगर और राज्य कार्य योजनाओं में पीएम 2.5 (PM 2.5) के स्तर में प्रति वर्ष कम से कम 10% की कमी का स्पष्ट लक्ष्य रखा जाए। अगले दो वर्षों के भीतर बुनियादी ढांचे के सभी अंतरालों (gaps) को भरने की समयसीमा तय की गई है।

2. परिवहन: इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर जोर

वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं:

  • ई-रिक्शा: लेड-एसिड बैटरी के स्थान पर लिथियम-आयन बैटरी को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • ईवी शिफ्ट: दुपहिया और तिपहिया वाहनों को तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में बदलने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का निर्देश।
  • डीजल ऑटो: एनसीआर क्षेत्रों से पुराने डीजल ऑटो-रिक्शा को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।
  • स्मार्ट मॉनिटरिंग: फ्यूल स्टेशनों पर ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाए जाएंगे ताकि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान हो सके।

3. धूल और कचरा प्रबंधन

सड़कों की धूल कम करने के लिए आयोग ने मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के उपयोग और सड़कों के मध्य भाग (Central Verge) के हरितकरण का निर्देश दिया। साथ ही, भरतपुर में एक नया सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (CAAQMS) स्थापित किया जाएगा।

4. उद्योगों के लिए सख्त चेतावनी

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) को निर्देश दिया गया है कि सभी औद्योगिक इकाइयों में ‘ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम’ (OCEMS) लगाया जाए।

अल्टीमेटम: जो उद्योग 31 जनवरी 2026 तक OCEMS के लिए ऑर्डर नहीं देंगे, उनके खिलाफ सीपीसीबी (CPCB) के नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

5. तकनीकी और संस्थागत सुधार

शहरों में यातायात जाम (Boutlenecks) को कम करने के लिए एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली (ITMS) लागू की जाएगी। निगरानी के लिए राज्य स्तर पर टास्क फोर्स और वार्ड-स्तर पर टीमों का गठन किया जाएगा। भिवाड़ी, अलवर और भरतपुर में एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।


DISHA ROJHE

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