नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय राफेल लड़ाकू विमानों को नुकसान पहुंचने के पाकिस्तान के दावों को लेकर जारी बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। बीजेपी ने कहा कि भारतीय वायुसेना से जुड़े एक दस्तावेज से स्पष्ट होता है कि भारत के सभी 36 राफेल विमान सेवा में हैं और ऐसे में राहुल गांधी को अपने पुराने बयानों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
जानिए पूरा मामला
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राहुल गांधी ने सरकार से यह सवाल पूछा था कि भारतीय वायुसेना के कितने राफेल विमान नष्ट हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने उस समय पाकिस्तान के दावों को आगे बढ़ाने का काम किया। भंडारी ने कहा कि भारतीय वायुसेना के रखरखाव संबंधी दस्तावेज से स्पष्ट है कि सभी 36 राफेल विमान परिचालन में हैं, इसलिए राहुल गांधी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
बीजेपी प्रवक्ता ने कांग्रेस पर पहले भी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने सेना और सुरक्षा मामलों पर ऐसे बयान दिए हों।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयानों का हवाला देते हुए सरकार से पूछा था कि इस सैन्य अभियान में भारतीय वायुसेना को कितने विमानों का नुकसान हुआ। उन्होंने सरकार पर तथ्यों को सार्वजनिक नहीं करने का आरोप भी लगाया था।
IAF के दस्तावेज में क्या है?
भारतीय वायुसेना ने फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन और उससे जुड़े भागीदारों के लिए राफेल लड़ाकू विमानों के रखरखाव और संचालन सहायता से संबंधित एक रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किया है। दस्तावेज में कहा गया है कि भारतीय वायुसेना के पास 36 राफेल लड़ाकू विमान हैं और पांच महीने की अवधि के लिए इनके रखरखाव एवं परिचालन सहायता की आवश्यकता है।
दस्तावेज में उड़ान घंटों की गणना भी सभी 36 विमानों के आधार पर की गई है। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि यदि किसी राफेल विमान का नुकसान हुआ होता और वह बेड़े का हिस्सा नहीं रहता, तो रखरखाव और परिचालन से संबंधित गणनाओं में विमानों की संख्या अलग दिखाई देती।
हालांकि भारतीय वायुसेना या सरकार की ओर से अब तक ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल विमानों के नुकसान को लेकर कोई अलग आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और बीजेपी तथा कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।



