नई दिल्ली: लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने वर्तमान में कृषि और किसान कल्याण विभाग में ऋण माफी की कोई योजना संचालित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), पीएम किसान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, संशोधित ब्याज अनुदान योजना (एमआईएसएस) और कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) जैसी अन्य योजनाएं चलाई जा रहीं।
1.84 करोड़ किसानों को मिली एमएसपी
एमएसपी के तहत 22 कृषि फसलों को शामिल किया गया है। इस स्कीम के तहत 2024-25( जुलाई से जून तक) खरीद (लाख मीट्रिक टन में) (एलएमटी) 1,175 की गई। इस दौरान किसानों को एमएसपी राशि 3.33 लाख करोड़ रुपये दी गई। 1.84 करोड़ किसानों को फायदा मिला। सीएसीपी एमएसपी की सिफारिश करते समय, भूमि, जल और उत्पादन के अन्य संसाधनों का युक्तिसंगत उपयोग सुनिश्चित करने के साथ-साथ उत्पादन लागत, समग्र मांग-आपूर्ति की स्थिति, घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय कीमतें, अंतर-फसल मूल्य समता, कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों के बीच व्यापार की शर्तें, शेष अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण कारकों पर विचार करता है।
2018-19 के केंद्रीय बजट में एमएसपी को उत्पादन लागत के कम से कम डेढ़ गुना के स्तर पर रखने के पूर्व-निर्धारित सिद्धांत की घोषणा की गई थी। सरकार ने अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत पर कम-से-कम 50 प्रतिशत लाभ के साथ सभी अधिसूचित खरीफ, रबी और अन्य वाणिज्यिक फसलों की एमएसपी में वृद्धि की है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
पीएम-किसान केंद्र सरकार की योजना है। इसे प्रधानमंत्री की ओर से फरवरी 2019 में भूमि-धारक किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए शुरू किया गया था। इस योजना के तहत किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से तीन समान किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपये का वित्तीय लाभ हस्तांतरित किया जाता है। लाभार्थियों के पंजीकरण और सत्यापन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखते हुए भारत सरकार ने शुरुआत से अब तक 19 किस्तों के माध्यम से 3.69 लाख करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
पीएमएफबीवाई देश में खरीफ 2016 सीजन से शुरू की गई थी। यह योजना प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम की घटनाओं से उत्पन्न फसल के नुकसान/क्षति से पीड़ित किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है और किसानों की आय आदि को स्थिर करती है। 2016 में योजना की शुरुआत के बाद से किसानों ने 35,753 करोड़ रुपये के कुल प्रीमियम का भुगतान किया है और 1.83 लाख करोड़ रुपये (30.06.2025 तक) के दावे प्राप्त किए हैं जो इसी अवधि के दौरान भुगतान किए गए किसानों के प्रीमियम का लगभग 5 गुना है।
संशोधित ब्याज अनुदान योजना
एमआईएसएस में सरकार भारत में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संशोधित ब्याज अनुदान योजना (एमआईएसएस) के रूप में जानी जाने वाली 100% केंद्रीय वित्त पोषित केंद्रीय क्षेत्र योजना को लागू कर रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से प्राप्त अल्पकालिक कृषि ऋण पर रियायती ब्याज दर प्रदान करना है।
कृषि अवसंरचना कोष
एआईएफ योजना का उद्देश्य फसल के बाद के व्यवहार्य प्रबंधन और सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों में निवेश के लिए मध्यम से दीर्घकालिक ऋण वित्तपोषण सुविधा जुटाना है। इस योजना का उद्देश्य देश में फसल कटाई के बाद प्रबंधन बुनियादी ढांचे में मौजूदा कमियों को दूर करके कृषि क्षेत्र में विकास और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देना है। 30 जून 2025 तक एआईएफ के तहत 1,13,419 परियोजनाओं के लिए 66,310 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। इन स्वीकृत परियोजनाओं से कृषि क्षेत्र में 107,502 करोड़ रुपये का निवेश जुटाया गया है।



