नई दिल्ली। 2026 के असम विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने अपनी चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। शनिवार को गुवाहाटी स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने जनता के सुझावों और फीडबैक के साथ चुनावी घोषणापत्र (संकल्प पत्र) तैयार करने की प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ किया।
असम की उम्मीदों को समझना
“राइज़ोर आकांखा-भाजपा’र प्रोतिश्रुति” (जनता की आकांक्षा-भाजपा का संकल्प) के नारे के साथ शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य असम के लोगों की उम्मीदों को समझना और उन्हें पार्टी के आधिकारिक घोषणापत्र में जगह देना है। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सैकिया ने कहा कि एक समर्पित घोषणापत्र समिति नागरिकों से प्राप्त प्रत्येक सुझाव की बारीकी से जांच करेगी।
ऐसे भेज सकते अपना सुझाव
मतदाता 7002126126 पर मिस्ड कॉल देकर प्राप्त लिंक के जरिए अपने सुझाव भेज सकते हैं।ऑनलाइन सुझाव साझा करने के लिए bjpassamsankalp2026.com पोर्टल लॉन्च किया गया है। इसके अलावा ईमेल और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
कांग्रेस पहले से सक्रिय
अवसर पर चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक और सांसद प्रदान बरुआ के साथ संकल्प पत्र मसौदा समिति के संयोजक और मंत्री रंजीत कुमार दास एवं डॉ. रानोज पेगु भी उपस्थित थे।भाजपा की इस पहल के बीच मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी पहले से ही सक्रिय है। कांग्रेस ने 6 दिसंबर 2025 को अपना “राइज़ोर पदुलित, राइज़ोर दल” अभियान शुरू किया था, जिसके तहत पार्टी कार्यकर्ता सभी 35 जिलों में घर-घर जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं।
भाजपा वर्सेज कांग्रेस
विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए घोषणापत्र केवल चुनावी औपचारिकता नहीं, बल्कि एक गंभीर राजनीतिक प्रतिबद्धता है। उन्होंने भाजपा की डिजिटल पहुंच के मुकाबले अपने जमीनी संपर्क अभियान पर अधिक भरोसा जताया। दोनों प्रमुख दलों द्वारा जनता के बीच जाकर चुनावी एजेंडा तैयार करने की इस होड़ ने 2026 की चुनावी जंग को अभी से दिलचस्प बना दिया है।



