नई दिल्ली | भारतीय रेल कार्मिक सेवा के पूर्व अधिकारी अनंत स्वरूप उद्योग संगठन फिक्की के महासचिव बने हैं। 14 अप्रैल 2026 से उनकी नियुक्ति प्रभावी हुई है।
अनंत विश्व व्यापार संगठन के जेनेवा दफ्तर में फर्स्ट सेक्रेटरी के रूप में काम कर चुके हैं और उनको केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में काम करने का भी अनुभव है।
प्रशासनिक अनुभव का भंडार
अनंत स्वरूप का करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा पास करने के बाद भारतीय रेल कार्मिक सेवा में लंबी पारी खेली।
इस दौरान उन्होंने रेलवे बोर्ड में एग्जीक्यूटिव डाइरेक्टर के रूप में सेवा दी। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) पद की जिम्मेदारी संभाली। केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे।
वैश्विक मंच और निजी क्षेत्र में विशेषज्ञता
स्वरूप की विशेषज्ञता केवल घरेलू स्तर तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्विटजरलैंड के जेनेवा स्थित विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) में भारत के ‘फर्स्ट सेक्रेटरी’ के रूप में देश का प्रतिनिधित्व किया है।
सरकारी सेवा से समय पूर्व अवकाश लेने के बाद, उन्होंने बहुराष्ट्रीय परामर्शदात्री फर्म अर्न्स्ट एंड यंग में भी अपनी सेवाएं दी हैं, जिससे उनके पास सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों का संतुलित अनुभव है।
उच्च शैक्षणिक योग्यता और विजन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जीव विज्ञान में स्नातक और परास्नातक करने वाले स्वरूप की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बहुआयामी है। उनके पास एलएलबी और एमबीए की डिग्री है।सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंस में मास्टर्स सर्टिफिकेट हासिल किया है।
“पब्लिक पॉलिसी और ग्लोबल ट्रेड के क्षेत्र में अनंत स्वरूप का गहरा ज्ञान फिक्की को वैश्विक स्तर पर भारतीय उद्योगों की आवाज बुलंद करने में मदद करेगा।”
फिक्की के नए महासचिव के रूप में उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों के बीच अपनी विनिर्माण और व्यापारिक क्षमता को विस्तार दे रही है। स्वरूप का पिछला अनुभव उद्योग जगत की समस्याओं को समझने और नीतिगत समाधान निकालने में महत्वपूर्ण साबित होगा।



