नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के वसंत विहार इलाके में सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी (ब्रिगेडियर) और उनके बेटे के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 11 अप्रैल को वसंत एन्क्लेव इलाके में हुई थी, जहां शराब पीने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इससे पहले दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए ब्रिगेडियर और उनके परिवार पर हुए हमले की कड़ी निंदा की थी। साथ ही दिल्ली पुलिस के आयुक्त व वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया था कि इस मामले की गहन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतेंद्र उर्फ सोनू (49 वर्ष) निवासी मेहरम नगर, नई दिल्ली, और संजय शर्मा (56 वर्ष) निवासी मेहरम नगर के रूप में हुई है। सतेंद्र ‘चौधरी एविएशन प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी में डायरेक्टर बताया जा रहा है, जो चार्टर्ड और कार्गो उड़ान सेवाओं के साथ-साथ विमानों और उनके पुर्जों के कारोबार से जुड़ी है, जबकि संजय शर्मा मेहरम नगर स्थित ‘पंडित जी ढाबा’ का संचालन करता है। जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई मर्सिडीज गाड़ी को भी जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों से फिलहाल पूछताछ जारी है ताकि घटना के सभी पहलुओं का खुलासा किया जा सके।
एलजी तरणजीत सिंह संधू ने सीपी और डीसीपी को सख्त एक्शन लेने का दिया था निर्देश
एलजी तरणजीत सिंह संधू ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में लिखा कि वसंत एन्क्लेव में हुई घटना से मैं बहुत चिंतित हूं, जिसमें भारतीय सेना के एक सेवारत ब्रिगेडियर, उनकी पत्नी और उनके 23 वर्षीय बेटे (जो आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएट है) पर हमला किया गया।
उन्होंने कहा, मैंने खुद ब्रिगेडियर पीएस अरोड़ा से बात करके घटना के बारे में जानकारी ली और उनका हालचाल जाना। मैंने पुलिस कमिश्नर व डीसीपी से भी बात की और उन्हें निर्देश दिया कि वे इस मामले की पूरी और तेजी से जांच सुनिश्चित करें, ताकि जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके। मैंने दिल्ली पुलिस को यह भी निर्देश दिया है कि वे उस अधिकारी और उनके परिवार को पूरी सुरक्षा मुहैया कराएं। हम अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
घटना 11 अप्रैल रात 10 बजे की है।
मालूम यह घटना 11 अप्रैल की रात करीब 10 बजे की है, जब ब्रिगेडियर अपने बेटे के साथ खाना खाने के बाद टहलने के लिए घर से निकले थे। ब्रिगेडियर ने बताया कि जैसे ही वे अपने घर के बाहर पहुंचे, उन्होंने देखा कि एक कार में बैठे दो लोग खुलेआम शराब पी रहे थे। उन्होंने इसका विरोध किया, जिस पर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख ब्रिगेडियर ने तुरंत पुलिस को कॉल किया और पीसीआर वैन को बुलाया। पुलिस के पहुंचने में करीब 20 मिनट लग गए।
इस दौरान हालात और बिगड़ गए। कार में बैठे लोगों ने अपने कुछ साथियों को मौके पर बुला लिया। थोड़ी ही देर में 7-8 लोग वहां पहुंच गए और उन्होंने ब्रिगेडियर के बेटे के साथ मारपीट शुरू कर दी। जब ब्रिगेडियर ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई।
ब्रिगेडियर को वसंत विहार पुलिस थाने से उम्मीद के मुताबिक मदद नहीं मिली
ब्रिगेडियर के अनुसार, वे वसंत विहार पुलिस थाने पहुंचे लेकिन वहां उन्हें उम्मीद के मुताबिक मदद नहीं मिली। पुलिस ने उनसे मेडिकल लीगल सर्टिफिकेट (एमएलसी) लाने को कहा, लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी उनके साथ अस्पताल नहीं गया। मजबूर होकर उन्हें खुद ही आरआर अस्पताल जाना पड़ा, जहां उन्होंने अपना एमएलसी बनवाया। हैरानी की बात यह रही कि इसके बाद भी पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं की और सिर्फ एक जनरल डायरी में एंट्री कर ली।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतेंद्र उर्फ सोनू (49 वर्ष) निवासी मेहरम नगर, नई दिल्ली, और संजय शर्मा (56 वर्ष) निवासी मेहरम नगर के रूप में हुई है। सतेंद्र ‘चौधरी एविएशन प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी में डायरेक्टर बताया जा रहा है, जो चार्टर्ड और कार्गो उड़ान सेवाओं के साथ-साथ विमानों और उनके पुर्जों के कारोबार से जुड़ी है, जबकि संजय शर्मा मेहरम नगर स्थित ‘पंडित जी ढाबा’ का संचालन करता है।
जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई मर्सिडीज गाड़ी को भी जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों से फिलहाल पूछताछ जारी है ताकि घटना के सभी पहलुओं का खुलासा किया जा सके। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में वसंत विहार थाने में पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य तथ्यों और संभावित आरोपियों की भी जांच की जा रही है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस के पहुंचने में 20 मिनट लग गए
दरअसल, यह घटना 11 अप्रैल की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब ब्रिगेडियर अपने बेटे के साथ खाना खाने के बाद टहलने के लिए घर से निकले थे। आईएएनएस से बात करते हुए ब्रिगेडियर ने बताया था कि जैसे ही वे अपने घर के बाहर पहुंचे, उन्होंने देखा कि एक कार में बैठे दो लोग खुलेआम शराब पी रहे थे। उन्होंने इसका विरोध किया, जिस पर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख ब्रिगेडियर ने तुरंत पुलिस को कॉल किया और पीसीआर वैन को बुलाया। पुलिस के पहुंचने में करीब 20 मिनट लग गए।
इस दौरान हालात और बिगड़ गए। कार में बैठे लोगों ने अपने कुछ साथियों को मौके पर बुला लिया। थोड़ी ही देर में 7-8 लोग वहां पहुंच गए और उन्होंने ब्रिगेडियर के बेटे के साथ मारपीट शुरू कर दी। जब ब्रिगेडियर ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई।



