नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि केंद्र सरकार की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पहले की तरह सख्ती से लागू रहेगी। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को पूरी सतर्कता बरतने और आपसी समन्वय के साथ जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।
Reviewed the security of Jammu and Kashmir along with the Lt. Governor and other senior officials.
— Amit Shah (@AmitShah) October 9, 2025
We are committed to cripple the terror ecosystem in J&K. Our security forces will continue to have full freedom to crush any attempt to threaten peace and security in the region.… pic.twitter.com/1tPTypPuwP
आतंकवाद पर कड़ा प्रहार, पर्यटन और विकास पर जोर
बैठक में जम्मू-कश्मीर के पीर पंजाल क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति और पर्यटन गतिविधियों को सामान्य करने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से सुरक्षा बल आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और अन्य सामान्य गतिविधियां बिना किसी रुकावट के चलती रहें, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर असर न पड़े।
सुरक्षा और विकास की समीक्षा
समाचार एजेंसी पीटीआई और प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के अनुसार, गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और विकास से जुड़े सभी पहलुओं की गहन समीक्षा की। बैठक में पीर पंजाल क्षेत्र में हाल के दिनों में आतंकी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। गृह मंत्रालय ने बताया कि इस तरह की पिछली समीक्षा बैठक 1 सितंबर 2025 को आयोजित की गई थी, और तब से अब तक कई कदम उठाए गए हैं।
कौन-कौन रहा मौजूद?
इस महत्वपूर्ण बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक तपन डेका, जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक नलिन प्रभात, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के डीजी जीपी सिंह, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के डीजी दलजीत सिंह चौधरी और केंद्र सरकार व जम्मू-कश्मीर प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
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आतंकवाद के खिलाफ सख्ती, विकास को गति
अमित शाह ने बैठक में सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ और सख्ती करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने विकास परियोजनाओं को तेज करने और पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि जम्मू-कश्मीर में शांति और समृद्धि के लिए सुरक्षा और विकास दोनों साथ-साथ चलने चाहिए। सरकार का लक्ष्य है कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करते हुए जम्मू-कश्मीर को विकास और पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बनाया जाए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सुरक्षा एजेंसियां आपसी तालमेल को और मजबूत करेंगी ताकि आतंकी गतिविधियों को पहले ही भांपकर रोका जा सके। साथ ही, विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थिरता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह बैठक जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अमित शाह के नेतृत्व में सरकार आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।



