नई दिल्ली: त्योहारी सीजन में घर जाने वालों के लिए भारतीय रेलवे ने इस बार रिकॉर्ड बना दिया है। रेलवे के मुताबिक, अब तक 1.5 करोड़ से ज़्यादा यात्री विशेष और नियमित ट्रेनों के जरिए अपने गंतव्यों तक पहुंच चुके हैं। अनुमान है कि छठ पूजा और दिवाली के बाद यह संख्या 2.5 करोड़ से भी अधिक हो जाएगी। भीड़ को संभालने और यात्रियों को आरामदायक यात्रा देने के लिए रेलवे ने बिहार और उत्तर प्रदेश के 30 प्रमुख स्टेशनों पर बड़े होल्डिंग एरिया तैयार किए हैं, जहां यात्री ट्रेन आने तक आराम से रुक सकें।
रेलवे की तैयारी और नई सुविधाएं
त्योहारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने इस साल पहले से कहीं अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। पहले जहां कुछ सौ विशेष ट्रेनें चलाई जाती थीं, वहीं अब यह संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। पिछले कुछ वर्षों में रेलवे ने अपने ढांचे को मजबूत किया है, पहले जहां हर साल केवल 400–600 किलोमीटर नए ट्रैक बनते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 4,000 किलोमीटर से अधिक हो चुकी है। छठ पूजा के लिए पटना, दानापुर और राजेंद्र नगर टर्मिनल जैसे प्रमुख स्टेशनों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। पटना स्टेशन पर यात्रियों के लिए बड़ा होल्डिंग एरिया बनाया गया है, जहां सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। दानापुर स्टेशन पर मेडिकल टीम और एम्बुलेंस हर वक्त तैयार रहती हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद दी जा सके। राजेंद्र नगर स्टेशन पर रेलवे कर्मचारी लगातार यात्रियों की सहायता कर रहे हैं ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और आरामदायक रहे।
छठ पूजा का उत्सव ट्रेन में भी
छठ पर्व को और खास बनाने के लिए रेलवे ने इस बार एक अनोखी पहल की है। नई दिल्ली और पटना के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में पारंपरिक छठ गीतों की धुनें बजाई जा रही हैं, जिससे यात्रियों का उत्साह दोगुना हो गया है। यह ट्रेन नियमित सेवाओं के अलावा विशेष रूप से त्योहारों के लिए चलाई गई है। फिलहाल पूरे देश में 156 वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं चल रही हैं।
यात्रियों के अनुभव
त्योहारी सीजन में यात्रा करने वाले यात्रियों ने रेलवे की सेवाओं की जमकर तारीफ की है। बिहार के जमालपुर स्टेशन पर यात्रियों ने बताया कि इस बार भीड़ कम थी और यात्रा सुगम रही। एक यात्री ने कहा, “ट्रेन साफ-सुथरी थी, स्टेशन पर व्यवस्था अच्छी थी और कोई परेशानी नहीं हुई।” एक महिला यात्री ने बताया कि उनके परिवार को कन्फर्म टिकट मिल गया और दिल्ली स्टेशन पर भीड़ के बावजूद सब कुछ व्यवस्थित था। कई यात्रियों ने कहा कि रेलवे की सफाई व्यवस्था, समय पर चलने वाली ट्रेनें और भोजन की गुणवत्ता पहले से बेहतर है। छठ गीत बजाने की पहल को लोगों ने “दिल को छू लेने वाला अनुभव” बताया, जिसने त्योहार की भावना को और बढ़ा दिया।
रेलवे की मेहनत रंग ला रही है
भारतीय रेलवे ने इस बार त्योहारी यात्रा को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अतिरिक्त ट्रेनें, स्वच्छ स्टेशन, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और 24 घंटे काम कर रहे कर्मचारी सब मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर यात्री अपने परिवार के साथ त्योहार मना सके। रेलवे की यह पहल न सिर्फ संगठन की क्षमता दिखाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जब देश त्योहार मनाता है, तो भारतीय रेलवे भी उसी जोश और जिम्मेदारी से लोगों को जोड़ने का काम करता है।



