नई दिल्ली: मणिपुर शासन में एंआई की एंट्री होती दिख रही है। 21 और 22 अगस्त को इम्फाल के राज्य प्रशिक्षण अकादमी में ‘AI फोर गुड गवर्नेंस’ विषय पर कार्यशाला हुई। इसमें राज्य के सभी उपायुक्तों समेत विभागों के 50 अधिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें डिजिटल परिवर्तन और लोक प्रशासन में एआई-आधारित इनोवस पर मंथन हुआ।
मणिपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीआईटी) ने भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) के साथ साझेदारी में यह कार्यशाला की।
मणिपुर सरकार के सचिव (आईटी) थोकचोम किरण कुमार आईएएस ने राज्य में शासन को बेहतर बनाने की दिशा में एक आधारभूत कदम के रूप में एआई क्षमता निर्माण के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मणिपुर कानूनी मामलों के प्रबंधन और गांवों के जीआईएस-आधारित आवास मानचित्रण जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एकीकरण के लिए सक्रिय रूप से आधार तैयार कर रहा है। इन पहलों का उद्देश्य अधिक कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को सुगम बनाना है।
मणिपुर राज्य ई-मिशन टीम (एस ई एम टी) के प्रमुख पोत्संगबाम हेनरी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और आईटी विभाग के नेतृत्व एनईजीडी के सहयोग और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने राज्य में ए आई-संचालित शासन को आगे बढ़ाने के लिए एस ई एम टी की प्रतिबद्धता पर बल दिया।
कितना अहम है यह पहल
यह पहल मणिपुर की डिजिटल शासन यात्रा में महत्वपूर्ण है, जो परिवर्तनकारी सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए ए आई-संचालित समाधानों को अपनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। एनईजीडी की क्षमता निर्माण योजना के माध्यम से यह कार्यक्रम राज्य के अधिकारियों को ए आई शासन में क्षेत्र विशेषज्ञता, व्यावहारिक अनुभव और सिद्ध सर्वोत्तम प्रथाओं से लैस करता है। यह प्रयास मणिपुर की शासन प्राथमिकताओं के अनुरूप एक मज़बूत, समावेशी और नैतिक रूप से आधारित ए आई इकोसिस्टम के निर्माण को गति प्रदान करेगा।



