नई दिल्ली: संसद परिसर में शनिवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने राजनीति गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कार से उतरकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से रुककर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात उस समय हुई जब वे समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।
वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि दोनों नेता काफी सौहार्दपूर्ण तरीके से एक-दूसरे से मिले। उनके बीच संक्षिप्त लेकिन गंभीर चर्चा हुई। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बीच दोनों शीर्ष नेताओं का इस तरह आमने-सामने आकर शालीनता से बात करना एक दुर्लभ क्षण माना जा रहा है। वहां मौजूद अन्य नेता और सुरक्षाकर्मी भी इस पल को देख ठिठक गए।
प्रधानमंत्री मोदी संसद स्थित ‘प्रेरणा स्थल’ पर महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। इस खास मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और अन्य वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। ज्योतिबा फुले के सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को याद करने के लिए विभिन्न दलों के नेता वहां एकत्रित हुए थे।
On the birth anniversary of Mahatma Jyotirao Phule, paying tributes to a visionary social reformer who dedicated his life to the ideals of equality, justice and education. He was also a pioneer in championing the rights of women and the marginalised. Through his efforts,…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 11, 2026
सोशल मीडिया पर इस मुलाकात के विजुअल्स वायरल हो रहे हैं और लोग इसे लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत बता रहे हैं। एक एक्स (ट्विटर) यूजर ने लिखा, “प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता को इस तरह गंभीर चर्चा करते देखना अच्छा लगता है।” यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अक्सर दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार शिष्टाचार और परंपरा की जीत हुई।



