क्यों इतना खास है अक्षर ‘X’? Elon Musk ने खोला राज

एलन मस्क ने हाल ही में बताया कि उन्हें अक्षर 'X' से इतना लगाव क्यों है। उन्होंने कहा कि यह कनेक्शन उनके शुरुआती टेक आइडियाज और सपनों से जुड़ा है।

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नई दिल्ली। टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) को अक्षर X से कितनी गहरी दिलचस्पी है, यह दुनिया जानती है। ट्विटर को ‘X’ नाम देने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई थी। अब मस्क ने खुद इस राज से पर्दा उठाया है कि आखिर वह ‘X’ अक्षर को इतना पसंद क्यों करते हैं। जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत (Nikhil Kamath Podcast) के पॉडकास्ट WTF is? में मस्क ने बताया कि यह लगाव कोई नया नहीं, बल्कि 1990 के दशक से चला आ रहा है।

X.com का आइडिया और फाइनेंशियल रिवॉल्यूशन का सपना

मस्क ने बताया कि साल 1999 में उन्होंने एक अक्षर वाला डोमेन X.com खरीदा था। तब उनके दिमाग में एक ऐसा फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म (Financial Platform) बनाने का विचार था, जो पैसे को डिजिटल रूप में तुरंत और सुरक्षित तरीके से एक जगह से दूसरी जगह ले जा सके।

उनके अनुसार, पुरानी बैंकिंग प्रणाली कई अलग-अलग डेटाबेस पर आधारित होती है, जो न तो पूरी तरह सुरक्षित होती है और न ही रियल-टाइम। मस्क का विज़न था कि एक यूनिफाइड, सिक्योर और हाई-स्पीड सिस्टम बने, जिसमें वित्तीय लेनदेन को आसान बनाया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि उस समय सिर्फ तीन ही एक-अक्षरीय डोमेन उपलब्ध थे— X, Q और Z। मस्क ने X को इसलिए चुना क्योंकि यह उनके अनुसार “फाइनेंशियल क्रॉसरोड्स” यानी एक बड़े वित्तीय प्लेटफॉर्म का प्रतीक बन सकता था।

X.com से PayPal और फिर Twitter (अब X) तक सफर

मस्क के इस शुरुआती आइडिया ने ही आगे चलकर PayPal का रूप लिया। बाद में PayPal को ईबे ने खरीद लिया। कई साल बाद जब ईबे की तरफ से उन्हें X.com वापस खरीदने का मौका मिला, तब मस्क ने इसे तुरंत ले लिया। उन्होंने कहा कि ट्विटर को खरीदने के पीछे उनका एक बड़ा मकसद यह भी था कि वह X.com के पुराने आइडिया को फिर से साकार कर सकें।

मस्क का मानना है कि चीन में WeChat एक ऐसा ऐप है, जिस पर लोग चैटिंग, शॉपिंग से लेकर बैंकिंग तक सब कुछ कर लेते हैं। लेकिन चीन के बाहर ऐसा कोई सुपर ऐप नहीं है। उनका लक्ष्य है कि X ऐसा पहला ग्लोबल प्लेटफॉर्म बने, जो डिजिटल लाइफ का केंद्र हो।

SpaceX में भी छिपा है ‘X’ का असर

मस्क की अगली बड़ी कंपनी SpaceX में भी ‘X’ की मौजूदगी साफ दिखाई देती है। इसका पूरा नाम Space Exploration Technologies है, लेकिन मस्क का मानना था कि यह बहुत लंबा और जटिल है, इसलिए इसे संक्षिप्त कर SpaceX कर दिया गया। मस्क ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें अक्षर ‘X’ का डिजाइन और लुक इतना पसंद है कि वह इसे कैपिटल लेटर में ही रखना पसंद करते हैं।

बेटे के नाम तक पहुंचा ‘X’ प्रेम

मस्क ने बताया कि उनके बेटे X Æ A-Xii, जिसे वह प्यार से “Lil X” कहते हैं, उसके नाम में भी यह अक्षर शामिल है। उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि उन्हें ‘X’ अक्षर का जुनून है और शायद यह सच भी है, लेकिन यह नाम उनकी पार्टनर की पसंद पर रखा गया था।

भविष्य का डिजिटल ब्रह्मांड?

मस्क का दावा है कि X सिर्फ एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनेगा। उनकी योजना में सोशल मीडिया, पेमेंट, बैंकिंग, गेमिंग, AI-सब कुछ एक ऐप में एकीकृत होगा।

Sandeep Kumar

sandeepx4a@gmail.com

संदीप कुमार एक अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार जगत में 14 साल से ज्यादा काम किया है। इन्हें गहन शोध, सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ETV Bharat, Hyderabad में साढ़े पाँच वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक कई अहम खबरों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने Network 10, TOTAL News, MH1 समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी पत्रकारिता का कौशल साबित किया। राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। इस समय newG india में कार्यरत हैं।

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