नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 के दौरान न सिर्फ भारत और पाकिस्तान बल्कि अन्य बहुप्रतीक्षित मुकाबला कोलंबो स्थित आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच की वजह से एक बार फिर यह मैदान सुर्खियों में आ गया है। क्रिकेट प्रेमियों के बीच जहां मुकाबले को लेकर उत्साह है, वहीं स्टेडियम के नाम से जुड़े व्यक्तित्व को लेकर भी जिज्ञासा बढ़ी है।
कौन थे रणसिंघे प्रेमदासा
रणसिंघे प्रेमदासा श्रीलंका के प्रमुख राजनीतिक नेताओं में से एक थे। वे 1978 से 1989 तक देश के प्रधानमंत्री रहे और उसके बाद राष्ट्रपति बने। सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले प्रेमदासा को श्रीलंका की राजनीति में उच्च पद तक पहुंचने वाले पहले ऐसे नेता के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने पारंपरिक प्रभावशाली परिवारों के वर्चस्व को चुनौती दी। उन्होंने गरीबों के लिए आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘गाम उदावा’ योजना की शुरुआत की थी। 1 मई 1993 को कोलंबो में एक आत्मघाती बम विस्फोट में उनकी हत्या कर दी गई थी। उनके सम्मान में इस स्टेडियम का नाम रखा गया।
श्रीलंका का सबसे बड़ा क्रिकेट मैदान
आर प्रेमदासा स्टेडियम श्रीलंका का सबसे बड़ा क्रिकेट मैदान माना जाता है। करीब 35 हजार दर्शकों की क्षमता वाला यह मैदान अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों, विश्व कप प्रतियोगिताओं और बड़े मैचों की नियमित मेजबानी करता है। कोलंबो के मध्य स्थित होने के कारण इसकी पहचान और भी मजबूत है। इसे श्रीलंकाई क्रिकेट का प्रमुख केंद्र भी कहा जाता है।
दर्शक क्षमता में विश्व के बड़े मैदानों में शामिल
दर्शक क्षमता के आधार पर यह मैदान दुनिया के बड़े क्रिकेट स्टेडियमों में गिना जाता है। 35 हजार सीटों की क्षमता इसे कई प्रतिष्ठित मैदानों के बराबर खड़ा करती है। एशिया के महत्वपूर्ण क्रिकेट स्थलों में इसकी विशेष पहचान है।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड का साक्षी
यह मैदान ऐतिहासिक रिकॉर्ड का भी गवाह रहा है। यहीं पर श्रीलंका ने भारत के खिलाफ एक टेस्ट मैच में 952 रन पर 6 विकेट का विशाल स्कोर बनाया था, जो आज भी टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सर्वोच्च टीम स्कोर है।



