वॉशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को पार करने की कोशिश कर रहे ईरानी मालवाहक जहाज M/V टॉस्का पर कब्जा कर लिया है। इस घटना के बाद वैश्विक बाजारों में हड़कंप मच गया है और विशेषज्ञों ने एक विनाशकारी ‘एनर्जी क्राइसिस’ की चेतावनी दी है।
बड़ी खबर: अमेरिकी मरीन का जहाज पर धावा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा जारी वीडियो के अनुसार, अमेरिकी डिस्ट्रॉयर USS स्प्रूअन्स ने ईरानी झंडे वाले जहाज टॉस्का को रोका। राष्ट्रपति ट्रम्प ने पुष्टि की है कि जहाज ने बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसके बाद अमेरिकी मरीन ने उस पर नियंत्रण कर लिया।
- ईरान का पलटवार: ईरान ने इसे ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है और कहा है कि वे जल्द ही इसका करारा जवाब देंगे।
- सीजफायर उल्लंघन: ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में व्यापारिक जहाज पर फायरिंग कर शांति समझौते को तोड़ा है।
दुनिया पर मंडराया ‘एनर्जी शॉक’ का खतरा
रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा बाजार के विश्लेषक बेहद डरे हुए हैं। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि इस संकट से कोई भी देश अछूता नहीं रहेगा।
संकट के 3 सबसे बड़े डर:
- हवाई ईंधन (Jet Fuel) की किल्लत: होर्मुज के रास्ते बंद होने से यूरोप के पास केवल 6 हफ्तों का जेट फ्यूल बचा है। जल्द ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो सकती हैं।
- महंगाई का विस्फोट: कच्चे तेल की कीमतों के साथ-साथ उर्वरक (Fertilizer) के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया में खाद्य महंगाई (Food Inflation) बढ़ सकती है।
- सप्लाई चेन ठप: वियतनाम और बांग्लादेश जैसे मैन्युफैक्चरिंग हब ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण दबाव में हैं।
भारत की चिंता और सक्रियता
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले भारतीय जहाजों पर भी ईरान ने फायरिंग की है, जिसके बाद भारत ने कड़ा विरोध जताया है।
- अजीत डोभाल का दौरा: इस बीच, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल सऊदी अरब पहुंचे हैं ताकि ऊर्जा सुरक्षा और मिडिल ईस्ट के हालातों पर चर्चा की जा सके।
- सुरक्षित रास्ता: ईरान ने कहा है कि वह भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए भारत के संपर्क में है, लेकिन ज़मीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
| घटना | विवरण |
| होर्मुज स्ट्रेट बंद | ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाकर इस महत्वपूर्ण रास्ते को फिर से बंद किया। |
| वार्ता से इनकार | ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता के दूसरे दौर में शामिल होने से मना कर दिया। |
| जेडी वेंस का दौरा टला | सुरक्षा चिंताओं के कारण अमेरिकी उपराष्ट्रपति का पाकिस्तान दौरा रद्द। |
| ट्रम्प की चेतावनी | ट्रम्प ने कहा- “ईरान के पास शांति का यह आखिरी मौका है।” |
| बुनियादी ढांचे को नुकसान | विशेषज्ञों का मानना है कि तेल क्षेत्रों को हुए नुकसान को ठीक करने में सालों लग सकते हैं। |
विशेषज्ञ की राय
“बाजार अभी शांति की उम्मीद कर रहा है, लेकिन सप्लाई चेन टूटने का असली असर आने वाले हफ्तों में दिखेगा। यह स्थिति 1990 के कुवैत युद्ध जैसी हो सकती है।” — अमीर हंदजानी, विश्लेषक



