नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन को युद्ध (Ukraine War) जारी रखने से कोई लाभ नहीं होगा क्योंकि रूस एक बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि अब यह निर्णय यूक्रेन को करना है कि वह किस दिशा में आगे बढ़े।
पहले शांति समझौता या पहले युद्धविराम?
ट्रंप ने (Donald Trump) अपने रुख में बदलाव दिखाते हुए कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की इस सोच से सहमत हैं कि पहले शांति समझौता (Peace Agreement) होना चाहिए, उसके बाद युद्धविराम। जबकि यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी पहले युद्धविराम के पक्षधर हैं। यह बयान ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर साझा किया।
एंकरेज वार्ता का नतीजा अधूरा
अमेरिका के एंकरेज शहर में शनिवार को ट्रंप और पुतिन के बीच करीब तीन घंटे लंबी बैठक हुई। हालांकि इसमें यूक्रेन युद्धविराम पर कोई ठोस निर्णय नहीं निकल सका। दोनों नेताओं ने वार्ता की प्रगति के बारे में विस्तार से कुछ भी साझा नहीं किया।
त्रिपक्षीय वार्ता की तैयारी
ट्रंप ने बैठक को सफल बताते हुए कहा कि जल्द ही वह यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) के साथ त्रिपक्षीय वार्ता करेंगे। वहीं पुतिन ने साफ किया कि बिना मूल कारणों का समाधान किए स्थायी शांति संभव नहीं है।
पुतिन का ट्रंप पर भरोसा
पुतिन (Vladimir Putin) ने ट्रंप की सराहना करते हुए कहा कि अगर 2022 में वह राष्ट्रपति होते तो यूक्रेन युद्ध शुरू ही नहीं होता। यह बयान ट्रंप के पुराने दावों को मजबूती देता है।
जेलेंस्की की योजना और पुतिन का रुख
जेलेंस्की ने वाशिंगटन जाकर भविष्य की रणनीति पर ट्रंप से बात करने की घोषणा की है और त्रिस्तरीय बैठक के लिए सहमति भी जताई है। लेकिन पुतिन ने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए ट्रंप को अगली बैठक मॉस्को में करने का न्योता दिया है।
रूस ने ट्रंप के बयान का स्वागत किया
रूस ने ट्रंप के उस बयान की सराहना की जिसमें उन्होंने पहले शांति समझौते की बात कही थी। रूस का मानना है कि युद्धविराम से यूक्रेन को सैन्य तैयारी का मौका मिल सकता है, इसलिए पहले समझौता जरूरी है।
भूमि विवाद पर गतिरोध
सूत्रों के अनुसार पुतिन ने यूक्रेन से पूरा डोनेस्क प्रांत छोड़ने का प्रस्ताव रखा, जिसके 70% हिस्से पर पहले ही रूस का कब्जा है। वहीं, जेलेंस्की ने स्पष्ट कर दिया कि भूमि वापसी से कम पर कोई शांति समझौता स्वीकार नहीं होगा।
सुरक्षा गारंटी पर आंशिक सहमति
बैठक के बाद ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा कि पुतिन के साथ यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने पर चर्चा हुई है और इस मुद्दे पर काफी हद तक सहमति बनी है। यूरोपीय नेता भी अमेरिका से इसी दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
भविष्य की राह
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अब शांति स्थापित करने की जिम्मेदारी जेलेंस्की पर है। हालांकि, यूक्रेन की शर्तें और रूस का रुख दोनों ही जटिल स्थिति को दर्शाते हैं। ऐसे में आने वाली बैठकों से ही तय होगा कि युद्ध थमेगा या और लंबा खिंचेगा।



